फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रामवीर उपाध्याय के पुत्र चिराग भाजपा में शामिल होने के लिए आए, बगैर सदस्यता लिए चले गए

Sun, 23 Aug 2020 03:42 PM IST
Mohit Mudgal अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

  • भाजपा नेताओं से बंद कमरे में एक घंटे बात करने के बाद बोले - सदस्यता तीन-चार दिन बाद  लखनऊ लेंगे 
विज्ञापन
चिराग उपाध्याय - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश के पूर्व ऊर्जा मंत्री एवं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के नेता रामवीर उपाध्याय के पुत्र चिराग उपाध्याय रविवार सुबह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के लिए आगरा के जयपुर हाउस स्थित ब्रज क्षेत्र कार्यालय पर आए, लेकिन सदस्यता लिए बगैर ही चले गए। 

विज्ञापन


उन्होंने खुद ही यह जानकारी दी थी कि वो पार्टी में शामिल होने आ रहे हैं। वो दो घंटे तक कार्यालय में रहे, लगभग एक घंटा ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष रजनीकांत माहेश्वरी एवं संगठन मंत्री भवानी सिंह से बंद कमरे में बात की। इसके बाद यह कहकर चले गए कि सदस्यता तीन-चार दिन बाद लखनऊ में लेंगे। 


चिराग अपने साथियों के साथ गाड़ियों का काफिला लेकर रविवार सुबह 11 बजे जयपुर हाउस स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचे थे। सदस्यता दिलाने के लिए रजनीकांत माहेश्वरी एवं भवानी सिंह आए थे। शहर और जिला कमेटी के भाजपा नेता भी पहुंच गई। चर्चा तो यह उड़ी थी कि रामवीर उपाध्याय और उनकी पत्नी सीमा उपाध्याय भी आ रहे हैं लेकिन वे नहीं आए।

विज्ञापन
विज्ञापन

चिराग ने सोशल मीडिया पर यह संदेश दिया था कि वो 11 बजे भाजपा की सदस्यता लेंगे। उन्होंने आते ही कहा कि पीएम मोदी, सीएम मोदी और भाजपा की विचारधारा से प्रभावित होकर आए हैं। भाजपा नेताओं ने उनका स्वागत किया। मंच तैयार हो गया था। मालाएं मंगा ली गईं थीं। तभी चिराग को रजनीकांत माहेश्वरी और भवानी सिंह ने बंद कमरे में बुलाया। यहां से चिराग लौटे तो हाथ जोड़ते हुए सीधे दफ्तर से बाहर आ गए।

... तो प्रदेश स्तर पर ब्राह्मण कार्ड खेलेगी भाजपा

चिराग ने बताया कि वह तीन-चार दिन में लखनऊ में भाजपा में शामिल हो जाएंगे। माना जा रहा है कि उनके सहारे भाजपा प्रदेश स्तर पर ब्राह्मण कार्ड खेलना चाहती है। दरअसल, पिछले दिनों सपा और बसपा नेताओं ने ब्राह्मणों को लुभाने के लिए कई घोषणाएं की हैं।

रामवीर के शामिल होने की कई बार लगीं अटकलें

रामवीर उपाध्याय 2019 में बसपा के टिकट पर फतेहपुर सीकरी से बसपा के उम्मीदवार थे। 2004 में उनकी पत्नी सीमा उपाध्याय यहां से जीती थीं। रामवीर अचानक मैदान से हट गए। तब यह अटकल जोर-शोर से चली कि वो भाजपा में शामिल होंगे। इसके बाद कई बार चर्चा उड़ी कि वह भाजपा की सदस्यता ले रहे हैं लेकिन उन्होंने ली नहीं। वह हाथरस की सादाबाद सीट से बसपा के विधायक हैं। बसपा ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर रखा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें