मैनपुरी। यूपी बोर्ड परीक्षा 2021 के लिए समयावधि बढ़ाने के बाद भी कोरोना महामारी के कारण बोर्ड परीक्षार्थी आवेदन में रुचि नहीं ले रहे हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त है लेकिन अभी तक जिले में इंटरमीडिएट के नौ हजार और हाईस्कूल के 12 हजार छात्र-छात्राओं ने आवेदन नहीं किए हैं।
माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश ने पूर्व में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2021 के लिए पांच अगस्त अंतिम तिथि निर्धारित की थी। बाद में इस तिथि को बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया गया, लेकिन कोरोना महामारी के कारण बोर्ड परीक्षार्थी अभी भी परीक्षा के लिए आवेदन में रुचि नहीं ले रहे हैं। विभागीय रिकार्ड के अनुसार शिक्षा सत्र 2019-20 में कक्षा नौ में 36 हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे, जिसमें से अभी तक कक्षा 10 के लिए 24 हजार परीक्षार्थियों ने ही आवेदन किए हैं।
जबकि शिक्षा सत्र 2019-20 कक्षा 11 में 32 हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। जिनमें से कक्षा 12 के लिए अभी तक 23 हजार छात्र-छात्र-छात्राओं ने ही आवेदन किए हैं। अब मात्र छह कार्य दिवस बचे हैं। इनमें यदि 21 हजार छात्र-छात्राएं कैसे आवेदन कर पाएंगे इसको लेकर प्रधानाचार्य चिंतित हैं।
परिषद ने प्रधानाचार्यों को दिए कड़े निर्देश
एक तरफ जहां छात्र-छात्राओं के स्कूल आने पर रोक हैं वहीं दूसरी तरफ कोई भी छात्र बोर्ड परीक्षा के आवेदन से छूट न जाए इसके लिए सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। छात्रों के आवेदन न होने पर प्रधानाचार्यों को जिम्मेदार ठहराया गया है। प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी प्रकार से अपने कॉलेज के सभी छात्र-छात्राओं को निश्चित अवधि में आवेदन कराना सुनिश्चित करें।
ऑनलाइन शिक्षण के दौरान भी दी जा रही जानकारी
बोर्ड परीक्षार्थियों को समय रहते आवेदन करने की जानकारी ऑनलाइन शिक्षण के दौरान भी दी जा रही है, लेकिन इसके बाद भी बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने अभी तक आवेदन नहीं किए हैं। जिससे प्रधानाचार्य परेशान हैं।
सभी छात्र-छात्राएं निश्चित समय में अपना आवेदन करा दें। अन्यथा की स्थिति में प्रधानाचार्य के साथ वे स्वयं भी जिम्मेदार होंगे।
मनोज कुमार वर्मा जिला विद्यालय निरीक्षक