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UP Board Exam: पहले दिन 107 केंद्रों पर हुई परीक्षा, कम रही परीक्षार्थियों की संख्या

Thu, 07 Feb 2019 08:45 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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परीक्षा देकर केंद्र से निकलतीं छात्राएं
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यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं गुरुवार से शुरू हो गईं। दोनों पाली में परीक्षाएं जरूर हुई, पर परीक्षा केंद्रों और परीक्षार्थियों की संख्या कम रही। इसको देखते हुए शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की ओर से सख्ती भी कम बरती गई। पहली पाली की परीक्षा में शिक्षा विभाग के जिला स्तर पर गठित नौ में से केवल एक उड़नदस्ता ही केंद्रों के निरीक्षण के लिए निकला। 
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पहली पाली में हाईस्कूल की पहली पाली में संगीत गायन और इंटरमीडिएट की काष्ठ शिल्प, ग्रंथ शिल्प, सिलाई की परीक्षा थी। हाईस्कूल संगीत गायन में 693 विद्यार्थी पंजीकृत थे 674 उपस्थित और 21 अनुपस्थित रहे। इंटरमीडिएट के केवल सिलाई में दो विद्यार्थी पंजीकृत थे, दोनों की ही उपस्थिति रही। 

दूसरी पाली में इंटरमीडिएट की शिक्षाशास्त्र, मनोविज्ञान और तर्कशास्त्र विषय की परीक्षा हुई। शिक्षाशास्त्र में 2415 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। 1954 उपस्थित और 451 अनुपस्थित रहे। मनोविज्ञान में 1208 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, 1123 परीक्षा में बैठे और 83 अनुपस्थित रहे। तर्कशास्त्र में महज दो परीक्षार्थी पंजीकृत थे। दोनों ही अनुपस्थित रहे। 
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उड़नदस्तों को नहीं मिल पाए वाहन

हाईस्कूल संगीत गायन के परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र आसान लगा। उनका कहना है कि पढ़ाए गए पाठ्यक्रम से ही सवाल पूछे गए थे। श्री रत्नमुनि जैन कन्या इंटर कॉलेज की दसवीं की छात्राओं अलीशा और लाइबा को प्रश्नपत्र अच्छा लगा। वहीं, गुरुवार को डीआईओएस कार्यालय में कंट्रोल रूम का नंबर शुरू हो गया। परीक्षा के संबंध में कोई खास सूचना नहीं प्राप्त हुई। 

पहले दिन उड़नदस्तों को वाहन नहीं मिल पाए। सचल दल के प्रभारी, टीम और पुलिस वाले निरीक्षण के लिए तैयार बैठे थे। पहली पाली में केवल डीआईओएस का दस्ता निरीक्षण के लिए निकला। दूसरी पाली में उड़नदस्तों को वाहन नहीं मिल पाए। हालांकि डीआईओएस ने कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। बड़ी परीक्षाएं 12 फरवरी से उसी को देखते हुए तैयारियां की जा रही हैं। 

परीक्षा केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग देखने और वाइस सुनने की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी। अभी तक कंप्यूटर सेटअफ नहीं लगाए गए हैं। उड़नदस्तों को निर्देश दिया गया है कि वह निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित करें कि सीसीटीवी कैमरे ठीक से काम कर रहे हैं या नहीं। कैमरे लगवाने के पीछे उद्देश्य नकल पर रोक लगाना है। 
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12 फरवरी से बढ़ेगी संख्या

गत वर्ष की परीक्षा में सीसीटीवी रिकार्डिंग से भी नकल पकड़ में आई थी। डीआईओएस कार्यालय में रिकार्डिंग देखने के लिए कैमरे लगाए गए थे। जिला विद्यालय निरीक्षक रवींद्र सिंह का कहना है कि अभी छोटी परीक्षाएं हैं, 12 फरवरी से परीक्षार्थियों की संख्या बढ़ेगी। मुख्य विषयों की परीक्षाएं शुरू होंगी। इस दिन से जीआईसी में सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिंग देखने की व्यवस्था की जाएगी। 
 
यूपी बोर्ड परीक्षा में कक्ष निरीक्षक के रूप में ड्यूटी देने के लिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के डीएलएड (बीटीसी) छात्रों की ड्यूटी लगा दी गई है। गुरुवार को कई छात्र जीआईसी में डीआईओएस के पास मिलने के लिए पहुंचे। उन्होंने ड्यूटी हटाने की मांग की। छात्रों का कहना था कि उनकी पढ़ाई प्रभावित होगी। डीआईओएस रवींद्र सिंह का कहना है कि शिक्षकों की हड़ताल को देखते हुए डीएलएड के छात्रों की ड्यूटी लगाई गई है। इनको रिजर्व में रखा गया है।
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