माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश (यूपी बोर्ड) हाईस्कूल और इंटर की परीक्षाएं मंगलवार से कड़ी निगरानी के बीच शुरू हो गईं। मैनपुरी जिले में परीक्षा के पहले दिन ही डीएवी इंटर कॉलेज आलीपुरखेड़ा में एक सॉल्वर पकड़ गया। वो अपने भाई की जगह परीक्षा दे रहा था। प्रथम पाली में हाईस्कूल हिंदी की परीक्षा में पंजीकृत 34092 में से 30,231 परीक्षार्थी उपस्थित हुए।
सुबह सात बजे से ही परीक्षार्थियों ने केंद्र पर पहुंचना शुरू कर दिया था। परीक्षा के दौरान डीएवी इंटर कॉलेज आलीपुरखेड़ा पर परीक्षार्थी नीरज कुमार की जगह उसके भाई अवनीश कुमार को दसवीं हिंदी की परीक्षा देते हुए केंद्र व्यवस्थापक ने पकड़ा।
परीक्षार्थी नीरज कुमार के प्रवेश पत्र का फोटो मिलान किया तो अवनीश ने कहा कि वही नीरज है, लेकिन जब पुलिस बुलाने की धमकी दी गई तो भाई के स्थान पर परीक्षा देने की बात स्वीकार कर ली। केंद्र व्यवस्थापक अमरपाल सिंह ने इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी।
सॉल्वर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
जिला विद्यालय निरीक्षक के निर्देश पर केंद्र व्यवस्थापक ने अवनीश के विरुद्ध थाना भोगांव में माध्यमिक शिक्षा अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई। हाईस्कूल हिंदी की परीक्षा में पंजीकृत 34092 परीक्षार्थियों में से 30,231 परीक्षार्थी उपस्थित हुए।
परीक्षार्थियों की तीन चरणों में जांच की गई। सबसे पहले मुख्य गेट पर तलाशी ली गई। इसके बाद गेट के अंदर द्वितीय चरण की चेकिंग की गई। इसके बाद कक्षा कक्ष में पहुंचे आंतरिक सचलदल ने भी परीक्षार्थियों की जांच की।
प्रवेश पत्र न आने से 200 परीक्षार्थियों की परीक्षा छूटी
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने सीबीएसई से 11वीं पास करके यूपी बोर्ड से इंटर का परीक्षा फार्म भरने वाले परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र जारी नहीं किए। इससे जिले में 200 से अधिक परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल नहीं हो सके।
यही नहीं माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इन छात्रों के अनुक्रमांक प्रयोगात्मक परीक्षा के दौरान जारी किए थे। जबकि परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी नहीं किए। इसके पीछे बताया गया है कि माध्यमिक शिक्षा परिषद, सीबीएसई से संबंधित छात्रों के 11वीं व नवीं पास होने की जांच नहीं कर सका।
ऑनलाइन निगरानी का दिखा असर
यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान ऑनलाइन निगरानी के लिए जो व्यवस्था की गई थी उसका पूरा असर दिखाई दिया। हालांकि निगरानी के दौरान कुछ केंद्रों पर साफ फुटेज नहीं आ रहे थे। यहां के केंद्र व्यवस्थापकों को फोन कर तुरंत कैमरे व्यवस्थित कराए गए।
कुछ केंद्रों पर केंद्र व्यवस्थापक भी मोबाइल पर ऑनलाइन निगरानी कर रहे थे। इससे लखनऊ, आगरा और मैनपुरी नोडल केंद्रों पर जांच में दिक्कत आई जिस पर केंद्र व्यवस्थापकों को चेतावनी पत्र जारी किए।
पुलिस सुरक्षा में संकलन केंद्र पर पहुंचीं कॉपियां
पहली बार पुलिस सुरक्षा के बीच उत्तर पुस्तिकाएं संकलन केंद्र पर पहुंचीं। डीएम और पुलिस कप्तान के निर्देश पर परीक्षा केंद्र पर ड्यूटी कर रहे एक पुलिसकर्मी को परीक्षा केंद्र के वाहक के साथ संकलन केंद्र पर उत्तर पुस्तिकाओं के साथ भेजा।
नकल पर नकेल के लिए दौड़ते रहे अधिकारी
यूपी बोर्ड परीक्षा में जिला प्रशासन की भी परीक्षा थी। जिला प्रशासन प्रथम दिन की परीक्षा में खरा उतरा। परीक्षा के दौरान छह जोनल मजिस्ट्रेट, 19 सेक्टर मजिस्ट्रेट, पांच सचलदल निरीक्षण के लिए दौड़ते रहे।