परीक्षा केंद्र में विद्यार्थी (फाइल फोटो)
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जिन विद्यालयों में वर्ष 2018-19 की बोर्ड परीक्षा के दौरान सामूहिक नकल ही नहीं, उत्तर पुस्तिकाएं लिखने और बदलने का गोरखधंधा पकड़ा गया था, उन्हें यूपी बोर्ड ने एक बार फिर आगामी परीक्षा की जिम्मेदारी सौंप दी है।
जनपद में ऐसे चार विद्यालयों को परीक्षा केंद्र की सूची में शामिल कर दिया गया है, जिन्हें काली सूची में डालने की संस्तुति डीएम ने की थी। रविवार को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के स्तर से जारी की गई आगामी बोर्ड परीक्षा के केंद्रों की सूची जिलाविद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर चस्पा कर दी गई।
इसमें इस बार 115 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इसमें 62 अनुदानित और 03 राजकीय कालेज तथा बाकी गैर अनुदानित कालेज शामिल किए गए हैं।
जारी सूची में उन विद्यालयों के नाम शामिल होने से खलबली मच गई, जहां पिछले साल सामूहिक नकल पर प्रबंधक और केंद्र व्यवस्थापकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसमें से दो विद्यालयों में तो उत्तर पुस्तिकाएं पकड़ने का बड़ा मामला पकड़ा गया था।
जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर इन चार दागी विद्यालयों में दीनदयाल इंटर कॉलेज अडींग, हरचरन लाल बनवारी लाल इंटर कॉलेज गोसना, मिर्जीमुद्दीन इंटर कॉलेज फरह, मुकद्दम बिहारी इंटर कॉलेज भी शामिल हैं। इन विद्यालयों को काली सूची में भी जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर बोर्ड ने नहीं शामिल किया है।
गत दिवस ही बोर्ड ने जनपद के 20 परीक्षा केन्द्रों को काली सूची में भी डाला था। बोर्ड ने इस दफा 79 हजार परीक्षार्थियों को बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति प्रदान की है। जबकि विगत वर्ष बोर्ड द्वारा मात्र 128 विद्यालयों को परीक्षा केन्द्र बनाया गया था। जिसमें 82 परीक्षार्थियों का पंजीकरण हुआ था।
यूपी बोर्ड द्वारा ऑन लाइन जारी की गई परीक्षा केंद्रों की सूची को कार्यालय पर चस्पा कर दिया गया है। इसके संदर्भ में किसी को कोई आपत्ति है तो वह 14 नवंबर तक अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है। कुछ विद्यालय ऐसे भी इसमें शामिल हो गए हैं, जिनकी रिपोर्ट पिछली परीक्षा के दौरान खराब थी। इसकी रिपोर्ट बोर्ड को भेज दी जाएगी। -केपी सिंह, डीआईओएस मथुरा