उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा-2020 के लिए केंद्रों की सूची जारी कर दी है। जिले में 154 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। वर्ष 2019 की परीक्षा 184 केंद्रों पर हुई थी। गत परीक्षा के मुकाबले 30 केंद्र कम कर दिए गए हैं।
वर्ष 2019 की अपेक्षा वर्ष 2020 की परीक्षा में जिले में करीब 4700 परीक्षार्थी कम हुए हैं। वर्ष 2019 में 1,25,977 परीक्षार्थी हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा में पंजीकृत थे। वर्ष 2020 के लिए 1,21,222 परीक्षार्थियों का पंजीकरण है।
जिला विद्यालय निरीक्षक रवींद्र सिंह का कहना है कि 10 नवंबर को परीक्षा केंद्रों की विज्ञप्ति प्रकाशित कर आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। एक हफ्ते का समय आपत्ति दर्ज कराने के लिए दिया जाएगा। सभी आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा।
यूपी बोर्ड परीक्षा वर्ष 2020 के लिए जिस जगह प्रश्नपत्र और कापियां रखी जाएंगी, वहां भी सीसीटीवी कैमरा लगाया जाना अनिवार्य है। चाहे वह संकलन केंद्र हो या फिर परीक्षा केंद्र।
मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक के मुताबिक शुक्रवार को लखनऊ में हुए मंथन कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने निर्देश दिया है कि परीक्षा केंद्र निर्धारण में किसी की सिफारिश न मानी जाए। मानकों के अनुरूप ही केंद्र बनाए जाएं।
ऐसा न करने वाले जिला विद्यालय निरीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिन विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरे के साथ वॉइस रिकॉर्डर, राउटर, हाईस्पीड ब्राडबैंड की उपलब्धता है उसे केंद्र निर्धारण में प्राथमिकता दी जाएगी।
अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी
जिलाधिकारी के संज्ञान में लाकर और अनुमोदन से ही परीक्षा केंद्र निर्धारित किए जाने हैं। किसी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसी भी डिबार विद्यालय को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाना है। यदि किसी जिले में ऐसे विद्यालय केंद्रों की सूची में शामिल किए जाते हैं तो संबंधित डीआईओएस के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। -डॉ. मुकेश अग्रवाल, मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक