एनएसयूआई के नेताओं ने अपनी मांगों को लेकर बुधवार को डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति का घेराव किया और उनसे इस्तीफा देने की मांगा। छात्रों ने शेम शेम, कुलपति गो बैक नारे लगाए। तकरीबन ढाई घंटे तक उन्हें घेरे रखा। मंगलवार की तरह इस बार भी कुलपति को लंच के लिए घर जाने को थाना हरिपर्वत पुलिस की मदद लेनी पड़ी। हालांकि इस बार छात्र नेता ज्यादा तल्ख दिखे और उन्होंने कई बार अपशब्दों का प्रयोग कर मर्यादा लांघी।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव अमित सिंह के नेतृत्व में एमएससी सांख्यिकी के दर्जनों छात्रों ने प्रदर्शन किया। कुलपति से कहा कि वे अपना रिजल्ट जारी होने से पहले कार्यालय से नहीं जाने वाले। छात्र नेताओं ने कई बार अभद्र टिप्पणी की। पूर्व वीसी और इतिहास के प्रोफेसर के बारे में भी अभद्र टिप्पणी की गई। कुलपति के गार्ड और शैक्षिक विभाग के प्रभारी ने टिप्पणी करने से मना किया तो छात्र नेताओं से उनकी नोकझोंक भी हुई। छात्रों के तेवर देख कार्यालय के सभी कर्मचारियों और आवासीय परिसर के शिक्षकों को कुलपति कार्यालय बुला लिया गया।
प्रभारी रजिस्ट्रार केएन सिंह, पीआरओ डा. मनोज श्रीवास्तव भी पहुंचे। पुलिस बुलाने पर भी छात्र नेता भड़क गए। सभी छात्रों को तीन दिन में समस्याओं के निपटारे का भरोसा दिलाया गया है। प्रदर्शन में एनएसयूआई के मनीष गौतम, योगेश डाबर, हर्ष उपाध्याय, विनीत जादौन, धर्मेंद्र चाहर, रिषभ बंसल, कृष्णकांत, आशीष दीक्षित आदि शामिल थे।
प्रमुख मांगे
एमएससी सांख्यिकी का रिजल्ट जल्द जारी कर मार्कशीट देने, एमएसडब्ल्यू पेपर लीक मामले में मुकदमा दर्ज कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने, बीएड फर्जीवाडे़ में कार्रवाई करने, हेल्प डेस्क पर दलालों पर लगाम और भ्रष्टाचार रोकने, दलालों के नाम का होर्डिंग पालीवाल परिसर में लगवाने, विभागों और कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरे से शिक्षकों, कर्मचारियों पर नजर रखने, फर्जी मार्कशीट रैकेट में आरोपी कर्मचारियों को निलंबित करने और छात्रों के लिए पेयजल उपलब्ध कराने जैसी मांगे थीं।
मैं भी एक शिक्षक रहा हूं। इसलिए इन बातों को नजरअंदाज कर देता हूं। छात्राें को इस तरह से बात नहीं करनी चाहिए और पद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए।
प्रो. मोहम्मद मुजम्मिल, कुलपति डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय