मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की दूसरी बार मियाद बढ़ने के साथ ही प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है। वजह हैं सात लाख से अधिक अनमैप्ड और 8.47 लाख एएसडीडी यानी अनुपस्थित, मृतक, डुप्लीकेट और स्थानांतरित हो चुके मतदाता।
जिला निर्वाचन अधिकारी अरविंद बंगारी ने इस संबंध में बुधवार को सभी राजनीतिक दलों और एसआईआर से जुड़े अधिकारियों की बैठक बुलाई। कहा कि मृतक, अनुपस्थित, डुप्लीकेट और स्थानांतरित मतदाताओं की सूचियां सार्वजनिक स्थलों पर चस्पा कर दी गई है। राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट को उपलब्ध कराई गई हैं। इस संबंध में किसी को आपत्ति हो तो सुधार कराएं। अन्यथा एएसडीडी की सूची को प्रमाणित करें।
दूसरी तरफ जिले में 36 लाख मतदाता हैं। जिनमें 27.53 लाख मतदाताओं के फॉर्म डिजिटाइज्ड हुए हैं। इनमें करीब 20 लाख मतदाताओं की मैपिंग 2003 की मतदाता सूची से हो सकी है। करीब सात लाख मतदाता ऐसे हैं जिनकी मैपिंग नहीं हुई। उन मतदाताओं को सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नोटिस जारी करेंगे। उन मतदाताओं को दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ेंगे।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से सहयोग की अपील की। सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को मैपिंग प्रतिशत बढ़ाने और एएसडीडी मतदाताओं को सत्यापन के निर्देश दिए हैं। 26 दिसंबर तक एसआईआर फॉर्म जमा कराने का मतदाताओं के पास मौका है।