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धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा व्यापार, बाजरों में दिख रही रौनक

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मैनपुरी। कोरोना काल में धीरे-धीरे अब व्यापार पटरी पर लौटने लगा है। बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। ट्रेन बंद होने के कारण लोग बसों के जरिए अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। बस स्टैंड पर भी दिनभर चहलपहल रहती है। सराफा बाजार में अभी भी सन्नाटा छाया हुआ है। लोगों को धार्मिक स्थल खुलने का इंतजार है।
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दृश्य-एक- लेनगंज शहर का मुख्य बाजार
शहर के मुख्य बाजार लेनगंज में लॉकडाउन के दौरान सन्नाटा नजर आता था। अब सप्ताह के पांच दिन यहां दुकानों पर भीड़ दिखाई देती है। दुकानदार भी पहले की तरह ग्राहकों के पहुंचने से खुश हैं।
दृश्य दो- रोडवेज बस स्टैंड
कोरोना के खतरे के चलते लोगों ने यात्राएं करना बेहद कम कर दिया था। अब यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। जैसे ही कोई बस यहां पहुंचती है सवारियां का झुंड टूट पड़ता है। कोरोना गाइडलाइन का पालन कराने के लिए हेल्प डेक्स की स्थापना की गई है।
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दृश्य तीन- ईशन नदी तिराहा
लॉकडाउन के दौरान दिनभर सन्नाटा रहता था। अब यहां से सुबह शाम वाहनों का आना-जाना रहता है। कोरोना गाइडलाइन का पालन कराने के लिए यहां यातायात पुलिस तैनात है। बिना मास्क आने वाले लोगों का चालान किया जा रहा है।
दृश्य चार- शहर का प्रसिद्ध चांदेश्वर मंदिर
शहर के धार्मिक स्थलों की स्थिति लगभग पहले ही जैसी है। अधिकांश मंदिरों के पट बंद हैं। यहां जब कभी कोई भक्त पहुंचता है तो उसे सामाजिक दूरी का पालन कराते हुए दर्शन कराए जाते हैं। शहर के अधिकतर धर्मस्थलों पर आज भी ताला लटका हुआ है।
कोरोना महामारी के कारण व्यापार में बहुत बड़ा घाटा हुआ है। लेकिन शासन द्वारा जो कदम उठाए जा रहे हैं वह सराहनीय हैं। इस महामारी से बचने के लिए इस प्रकार की सख्ती जरूरी थी।
जितेंद्र कुमार कपड़ा व्यवसायी
कोरोना महामारी के बीच अनलॉक में ठेले लगाने की अनुमति मिली है। घाटे में चल रहे टिक्की, समोसा बेचने वालों को पैकिट में पैक कर ही वस्तुओं की बिक्री करनी है। जिससे खर्चा और बढ़ गया है।
पुनीत जैन समोसा विक्रेता
बाजार खुलने से धीरे-धीरे बाजारों में रौनक लौट रही है। यह बीमारी ही ऐसी है कि प्रशासनिक सख्ती जरूरी थी। लोगों को सामाजिक दूरी का पालन करते हुए ही दुकान पर आना चाहिए।
संजय गुप्ता गिफ्ट हाउस संचालक
कोरोना काल में मिष्ठान विक्रेताओं का सबसे अधिक नुकसान हुआ है। प्रशासनिक सख्ती और बीमारी के भय से लोग मिठाई की दुकानों पर नहीं पहुंच रहे हैं। भले ही आर्थिक नुकसान हुआ है लेकिन प्रशासनिक सख्ती जरूरी है।
ब्रजेश कुमार मिठाई विक्रेता
वीकेंड लॉकडाउन में शनिवार और रविवार को दुकान बंद रहती है। अन्य दिनों में लोगों की भीड़ दुकान पर पहुंचती है। इससे बेहतर तो ये होगा कि बंदी समाप्त कर सामाजिक दूरी का पालन करते हुए छूट दी जाए।
प्रतीक कुमार किराना स्टोर संचालक
कोरोना महामारी के बीच सबसे अधिक नुकसान सराफा बाजार में हुआ है। सोने की कीमतें बढ़ने के कारण लोग सराफा बाजार में नहीं पहुंच रहे हैं। शासन को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
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संतोष कुमार सराफा व्यापारी
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