डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
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विशेष जांच दल (एसआईटी) की ओर से जारी डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के बीएड सत्र 2004-05 के फर्जी व टेंपर्ड प्रमाणपत्रों की सूची से जिले में बेसिक शिक्षा विभाग ने 249 शिक्षकों को तलाशा है। इनमें से महज 24 शिक्षकों की सेवा समाप्त की गई है। बाकी शिक्षकों पर कार्रवाई के लिए शिक्षकों के विश्वविद्यालय के निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।
एसआईटी की ओर से फर्जी प्रमाणपत्र वाले अभ्यर्थियों की तीन श्रेणी बनाई गई है। इसमें 3637 शिक्षक फर्जी, 1084 टेंपर्ड अंकपत्र और 45 डुप्लीकेट रोलनंबर वाले थे। विश्वविद्यालय की ओर से दिसंबर 2019 में फर्जी प्रमाणपत्र वाले अभ्यर्थियों की सूची जारी कर उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया। अपना पक्ष रखने वाले 814 अभ्यर्थियों को छोड़कर बाकी 2823 को फर्जी घोषित कर दिया गया।
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हाईकोर्ट ने भी इन्हें फर्जी मान लिया। इसके बाद सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद के आदेश पर फर्जी घोषित किए गए 2823 अभ्यर्थियों की सूची से जिले में चिह्नित परिषदीय शिक्षकों की सूची का मिलान किया गया। 24 शिक्षकों के नाम पाए जाने पर उन्हें 15 मई 2020 को बर्खास्त कर दिया गया।