मार्कशीट और डिग्री में आग लगाने के बाद डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने करतूत पर ‘मिट्टी’ डाल दी। सोमवार को मार्कशीट-डिग्री और आवेदन फार्म की राख पर मिट्टी डलवाकर ‘साक्ष्य’ दबा दिए। अंदर कोई नहीं जा सके, इसलिए गेट पर ताला भी डलवा दिया है। बता दें कि परीक्षा विभाग और डिग्री सेक्शन से सटे शौचालय और गैलरी में मार्कशीट-डिग्रियां कचरे के ढेर में तब्दील हो चुकी हैं। ‘अमर उजाला’ के खुलासे के बाद इन दस्तावेजों के एक ढेर में आग लगवा दी गई। ये खबर भी अमर उजाला ने सोमवार को प्रकाशित की। ऐसे में करतूत छिपाने के लिए मार्कशीट-डिग्री के अधजले कचरे पर मिट्टी डलवा दी गई। परीक्षा नियंत्रक केएन सिंह का कहना है कि छत की मरम्मत का कार्य चल रहा है, किसी मजदूर ने भूलवश ऐसा किया होगा। छत सही होने के बाद सभी रिकार्ड को सुरक्षित रखवा दिया जाएगा।
किसी भी सरकारी अभिलेख को जलाना अपराध है। इसका विधिवत निस्तारण होता है। परीक्षा विभाग में जलाए गए अभिलेखों की जांच के लिए कुलसचिव को निर्देश दिया है। प्रो. मोहम्मद मुजम्मिल, कुलपति
एबीवीपी ने रोकी परीक्षा नियंत्रक की गाड़ी, नारेबाजी
मार्कशीट-डिग्री प्रकरण पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद भड़क गई। डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय छात्र संघ उपाध्यक्ष के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने परीक्षा नियंत्रक का घेराव कर लिया। धरना देकर प्रकरण की जांच की मांग की। इस पर परीक्षा नियंत्रक कक्ष छोड़कर जाने लगे तो कार्यकर्ता उनकी गाड़ी के आगे लेट गए और जमकर नारेबाजी की। मामला बढ़ने पर पुलिस पहुंची और कार्यकर्ताओं को शांत कराया। छात्रसंघ उपाध्यक्ष जीडी चाहर ने कहा कि मार्कशीट-डिग्री के साथ गोपनीय चार्ट भी जलाए गए हैं। दो दिन में इसकी जांच कमेटी नहीं बनाई तो फिर से प्रदर्शन होगा। प्रदर्शन में सौरभ पाराशर, ललित शर्मा दीपक बघेल, नरेश चौहान, राहुल सिकरवार, राहुल परमार, राहुल चौधरी, विश्वप्रताप आदि उपस्थित रहे।
विभागों में पड़े ताले, कर्मचारियों की हड़ताल
चार्ट पर अधिकारियों के हस्ताक्षर, निर्दोष कर्मचारियों का शोषण न होने की मांग को लेकर कर्मचारियों की हड़ताल पांचवें दिन भी जारी रही। विभागों में कोई कर्मचारी नहीं बैठा, यहां तक कि सभी में ताले डलवा दिए। कर्मचारी अध्यक्ष अखिलेश चौधरी का कहना है कि गोपनीय चार्ट में अधिकारियों के हस्ताक्षर होने के बाद ही कर्मचारी को दिए जाएं। इधर कुलपति प्रो. मोहम्मद मुजम्मिल का कहना हे कि उप निरीक्षक विशेष जांच दल को बीएड फर्जीवाड़े में निर्दोष कर्मचारियों को परेशान न करने के बाबत पत्र लिख दिया है। 2013 से 2015 सेशन के चार्ट पर परीक्षा नियंत्रक केएन सिंह को प्रत्येक पेज पर हस्ताक्षर और मुहर लगाने के निर्देश दिए हैं। 1998 से 2012 तक के चार्ट पर हस्ताक्षर निर्णय का मसला परीक्षा समिति में रखा जाएगा, जहां से कार्य परिषद की बैठक इस पर निर्णय लेगी।
तय सीटों से अधिक पर प्रवेश की जांच
तस सीटों से अधिक पर प्रवेश लेने वाले कालेजों की जांच कराई जाएगी। इसका मिलान कराने का आदेश कुलपति ने कुलसचिव को दिया है। बता दें कि कई कालेजों ने स्नातक में तय सीट से अधिक पर प्रवेश ले लिया है।