आगरा। शैक्षणिक सुधार की दिशा में डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय कारगर कदम उठाने जा रहा है। मुख्य परीक्षाओं में चुनौती बनी नकल पर लगाम लगाने की तैयारी की गई है। भविष्य में मुख्य परीक्षाएं सीसी कैमरे की निगरानी में होंगी। सभी कालेजों को ये व्यवस्था करनी होगी। इनकी कनेक्टिविटी को विश्वविद्यालय में वर्चुअल सेंटर बनेगा। यहां से किसी भी कालेज की स्थिति देखी जा सकेगी।
विश्वविद्यालय से करीब 770 कालेज जुड़े हुए हैं। निजी कालेज सामूहिक नकल के लिए कुख्यात हैं। इसी कारण बीती परीक्षा में सामूहिक नकल के चलते 56 कालेजों का रिजल्ट रुका हुआ है। इन स्थितियों से निपटने को विश्वविद्यालय ने योजना तैयार की है। कुलपति ने इसके लिए 80 लाख का बजट तय किया है। कुलपति प्रो. मोहम्मद मुजम्मिल ने बताया कि खंदारी कैंपस में वर्चुअल सेंटर बनेगा। सीसी कैमरे लग जाने से स्थिति का भी आकलन हो सकेगा।
सूचना के लिए भी बनेगा आधार
वर्चुअल सेंटर बनने से कालेज और विश्वविद्यालय में सीधे संपर्क हो सकेगा। परीक्षा, प्रैक्टिकल समेत तमाम सूचनाओं का सीधे आदान-प्रदान हो सकेगा। खास बात यह है कि इसके माध्यम से किसी भी विशेषज्ञ व्यक्ति का व्याख्यान भी कालेज में बैठे छात्र देख और सुन सकेंगे।
शपथ पत्र ठुकराया, शुल्क ही अंतिम विकल्प
आगरा। छात्रों का परीक्षा शुल्क विश्वविद्यालय में जमा न करने वाले कालेजों में हड़कंप मचा हुआ है। धनराशि ने के लिए कालेज संचालक कुलसचिव के पास अतिरिक्त समय मांगने पहुंच रहे हैं। शपथ पत्र भी दिया, लेकिन कुलसचिव ने इसे नहीं स्वीकारा। कालेज संचालकों को सात जनवरी तक शुल्क जमा करना ही होगा। यही उनके लिए अंतिम विकल्प है। बता दें कि 111 कालेजों ने 2015 का परीक्षा शुल्क विश्वविद्यालय में जमा नहीं कराया है। इसके चलते विश्वविद्यालय ने इन कालेजों के करीब 60 हजार छात्रों का परिणाम रोक दिया है।
कैलाश नाथ परीक्षा नियंत्रक नियुक्त
प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग में पांच अफसरों के तबादले कर दिए हैं। इन्हें उपकुलसचिव से कुलसचिव के पद पर तैनात किया गया है। डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा में डिप्टी रजिस्ट्रार के पद पर तैनात कैलाश नाथ को उसी विश्वविद्यालय में परीक्षा नियंत्रक बना दिया गया है। उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव बीबी सिंह ने इसके औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं। इससे झांसी, गोरखपुर, अवध, मेरठ और बरेली विश्वविद्यालय में भी फेरबदल हुए हैं।