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Paper Leak Case: परीक्षा नियंत्रक पर गिरी पेपर आउट होने की गाज, विश्वविद्यालय के कुलसचिव कराएंगे परीक्षाएं

Sun, 15 May 2022 05:06 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षाओं में पेपर आउट होने के बाद परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव पर गाज गिरी है। अग्रिम आदेशों तक कुलसचिव संजीव कुमार सिंह को परीक्षा नियंत्रक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। अब सभी परीक्षाएं कुलसचिव की निगरानी में संपन्न होंगी।
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विश्वविद्यालय में परीक्षा के संबंध में हुई बैठक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा में दो दिन प्रश्नपत्र आउट होने की गाज परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव पर गिरी है। प्रभारी कुलपति प्रोफेसर विनय पाठक ने रविवार को उच्च शिक्षामंत्री योगेंद्र उपाध्याय के साथ सर्किट हाउस में बैठक करने के बाद आदेश जारी किया कि विश्वविद्यालय की बची हुई परीक्षाओं को कराने का उत्तरदायित्व परीक्षा नियंत्रक की जगह कुलसचिव संजीव कुमार सिंह संभालेंगे। परीक्षा नियंत्रक कुलपति की ओर से बताए गए काम देखेंगे।

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उच्च शिक्षामंत्री के साथ बैठक के बाद प्रभारी कुलपति ने विश्वविद्यालय के अतिथि गृह में परीक्षा से जुड़े अधिकारियों और स्टाफ के साथ बैठक की। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि बची हुए परीक्षाएं कुलसचिव की निगरानी में संपन्न होंगी। सभी नोडल केंद्रों पर विश्वविद्यालय की ओर से एक-एक पर्यवेक्षक नियुक्त किया जाएगा। 

30 मिनट से पहले नहीं पहुंचेंगे प्रश्नपत्र

पर्यवेक्षक एडेड कॉलेजों वरिष्ठ शिक्षक होंगे, वह सुबह 05:00 बजे से दोपहर 03:00 बजे तक नोडल केंद्रों पर उपलब्ध रहेंगे। पर्यवेक्षकों की ओर से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नोडल केंद्रों से निकलने वाले प्रश्नपत्रों के सभी पैकेट सीलबंद रूप में परीक्षा केंद्रों के लिए रवाना किए जाएं और किसी भी परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्र 30 मिनट से पहले नहीं पहुंचे। 

चार टीमें करेंगी परीक्षा की निगरानी 

विश्वविद्यालय की ओर से मुख्य परीक्षाओं की निगरानी के लिए चार वरिष्ठ शिक्षकों प्रोफेसर यूसी शर्मा, प्रोफेसर प्रदीप श्रीधर, प्रोफेसर बिंदुशेखर शर्मा, प्रोफेसर भूपेंद्र स्वरूप शर्मा की एक-एक टीम बनाई जाएगी। इनके साथ एक-एक सहायक कुलसचिव और अन्य शिक्षक होंगे। 

ये टीमें सभी जिलों में लगातार निगरानी करेंगी। यह सुनिश्चित करेंगी कि किसी भी परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्र 30 मिनट से पहले ना पहुंचे। परीक्षा केंद्रों को सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से कंट्रोल रूम से जुड़वाना सुनिश्चित करेंगे। प्रोफेसर वीके सारस्वत और प्रोफेसर मनु प्रताप सिंह भी लगातार नियंत्रण कक्षों से नोडल केंद्रों पर खुलने वाले प्रश्नपत्रों की निगरानी करेंगे।

नोडल केंद्रों पर आरएफआईडी लॉक लगाए जाएंगे 

प्रभारी कुलपति ने कहा कि सभी नोडल केंद्रों पर अत्याधुनिक तकनीक से युक्त रेडियो फ्रिक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन डिवाइस (आरएफआईडी) लॉक लगाए जाएंगे। आरएफआईडी की डिजिटल तकनीक में नोडल केंद्र के स्ट्रांग रूम में और बाहर दो-दो वीडियो कैमरे लगाए जाते हैं। स्ट्रांग रूम से बाहर लगने वाले इस लॉक पर एक इलेक्ट्रॉनिक चिप लगी होगी, जिसका कंट्रोल रूम विश्वविद्यालय में होगा। 
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विश्वविद्यालय से कमांड दिए जाने पर ही स्ट्रांग रूम का ताला खुलेगा। डिजिटल लॉक की सुविधा होने से विश्वविद्यालय का सभी नोडल केंद्रों पर नियंत्रण सुनिश्चित हो जाएगा। विश्वविद्यालय की ओर से प्रयास किया जा रहा है कि सभी नोडल केंद्रों से भेजी जाने वाली टैक्सियों में जीपीएस की सुविधा उपलब्ध रहे, इसकी निगरानी विश्वविद्यालय के दोनों नियंत्रण कक्षों से की जाएगी ।

नोडल केंद्र के अध्यक्ष के पास ही रहेगा मोबाइल 

बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी परीक्षाओं में सिर्फ नोडल केंद्र अध्यक्षों के पास ही मोबाइल की सुविधा उपलब्ध होगी, इसके अलावा नोडल केंद्र पर किसी भी अन्य शिक्षक अथवा कर्मचारी के पास मोबाइल प्रतिबंधित रहेगा।

पुलिस की रिपोर्ट के बाद परीक्षा निरस्त करने पर निर्णय होगा 

विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक ने बताया कि बीएससी द्वितीय वर्ष की रसायन विज्ञान विषय की परीक्षा को निरस्त करने के संबंध में पुलिस की जांच रिपोर्ट के बाद निर्णय लिया जाएगा। पुलिस जब यह कह देगी कि प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले आउट हो गया था।
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