आगरा। शैक्षणिक सत्र 2020-21 की मुख्य परीक्षा के लिए फॉर्म भरे जाने की प्रक्रिया खोले जाने की मांग के संबंध में बुधवार को छात्र संगठनों ने डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के पालीवाल पार्क परिसर में विरोध-प्रदर्शन किया। मांगे न माने जाने पर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के कार्यकर्ताओं ने परीक्षा नियंत्रक की गाड़ी रोकी, इस दौरान सुरक्षा गार्डों से धक्का-मुक्की भी हुई।
बुधवार दोपहर को समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ताओं ने परीक्षा नियंत्रक के कार्यालय के बाहर परीक्षा फॉर्म भरे जाने की प्रक्रिया खोलने जाने के लिए प्रदर्शन किया। नारेबाजी करते हुए परीक्षा नियंत्रक के कार्यालय में पहुंचे। उन्हें ज्ञापन दिया। परीक्षा नियंत्रक ने पुनर्परीक्षा में शामिल छात्र-छात्राओं के लिए ही परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया दो दिन के लिए सहमति दी। बाकी छात्रों के लिए मना कर दिया। शाम को एनएसयूआई के कार्यकर्ता परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पहुंचे। कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के तमाम छात्र परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित रह गए हैं, फॉर्म भरने की प्रक्रिया कुछ दिन के लिए खोली जाए। परीक्षा नियंत्रक नहीं माने। इस पर संगठन के कार्यकर्ता कार्यालय में ही बैठकर नारेबाजी करने लगे। परीक्षा नियंत्रक जाने लगे तो एनएसयूआई के कार्यकर्ता उनकी गाड़ी के आगे लेट गए। सुरक्षा गार्डों ने कार्यकर्ताओं को गाड़ी के आगे से हटाया, इस दौरान धक्का-मुक्की भी हुई। विरोध प्रदर्शन में एनएसयूआई की ओर से प्रदेश महासचिव अंकुश गौतम, ललित त्यागी, जिलाध्यक्ष सतीश सिकरवार, प्रदेश सचिव कुलदीप दीक्षित और समाजवादी छात्रसभा की ओर से अमित प्रताप सिंह, रवि यादव, शुभम वाल्मीकि, ऋषभ प्रताप सिंह, जयंत सिंह मौजूद रहे।
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव का कहना है कि सत्र 2020-21 की मुख्य परीक्षा के लिए परीक्षा फॉर्म भरे जाने की प्रक्रिया गत दो-तीन माह से चल रही है। अंतिम तारीख को तीन-चार बार बढ़ाया जा चुका है। अब मुख्य परीक्षा की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। प्रश्नपत्र छप चुके हैं। शासन के आदेशानुसार 15 अगस्त से पहले परीक्षाएं कराई जानी हैं। इन परिस्थितियों में परीक्षा फॉर्म भरने की आखिरी तारीख बढ़ाया जाना संभव नहीं है। पुनर्परीक्षा में शामिल छात्र-छात्राओं के लिए परीक्षा फॉर्म भरने की अवधि दो दिन और बढ़ा दी गई है, यह 15 और 16 जुलाई को परीक्षा फॉर्म भर सकते हैं।
परीक्षा नियंत्रक की ओर से मनमानी की जा रही है। परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। परीक्षा नियंत्रक के सुरक्षा गार्डों ने संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ बदतमीजी की। फॉर्म भरने के लिए वेबसाइट नहीं खोली गई तो संगठन आंदोलन करेगा। - गौरव शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष, एनएसयूआई
विश्वविद्यालय में अपना लंबित काम कराने पहुंची छात्रा परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के बाहर बेहोश हो गई। दोपहर में परीक्षा नियंत्रक भोजन करने चले गए, छात्रा वहीं बैठकर इंतजार करती रही। गर्मी से उसकी तबियत बिगड़ गई। एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि छात्रा को दिखाने के लिए डॉक्टर नहीं बुलाया गया। वहीं, परीक्षा नियंत्रक का कहना है कि गर्मी से छात्रा को चक्कर सा गया। कुछ देर में वह सामान्य हो गई, बताया कि उसे पहले से समस्या है।