आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में लगाए गई विशेष हेल्प डेस्क में सात दिन में 3967 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से विश्वविद्यालय प्रशासन महज 70 शिकायतों का ही निपटारा कर पाया है। बाकी की शिकायतों के समाधान के लिए अधिकारी 25 अक्तूबर तक समाधान की बात कह रहे हैं।
विश्वविद्यालय के समाज विज्ञान संस्थान में 12 से 18 अक्तूबर तक हेल्प डेस्क पर गूगल फॉर्म से सबसे ज्यादा शिकायतें आईं। इनकी संख्या 2415 है। ई-मेल से 675 और हेल्प डेस्क पर 877 शिकायतें आईं। इनमें से अंतिम दिन 274 शिकायती पत्र आए। इनमें अंकतालिका में अंक न दर्ज होने की 367, विषय में कम अंक आने पर मूल्यांकन चुनौतियों की 510 की शिकायतें सबसे ज्यादा रहीं। बाकी की नाम की स्पेलिंग में गड़बड़ी, विषयों के अंक कम-ज्यादा होने, अंकतालिका न मिलने की शिकायतें रहीं। इनमें से विश्वविद्यालय प्रशासन ने 70 शिकायतों का ही समाधान हो पाया है। हेल्प डेस्क पर डिग्री न मिलने की शिकायत लेकर अधिकांश छात्र आए, लेकिन इनके प्रार्थनापत्र यहां जमा नहीं किए। इनको डिग्री विभाग में भेज दिया। हेल्प डेस्क पर बैठे कर्मचारियों के मुताबिक 550 से अधिक छात्र डिग्री की परेशानियों के लिए ही आए।
सात दिन में 3967 शिकायतें आई हैं, इनमें से 70 का समाधान हो गया है। सभी शिकायतों को एजेंसी भेजा गया है। इनको 25 अक्तूबर तक समाधान कराया जाएगा। इसकी रोजाना निगरानी भी रखी जाएगी। - प्रो. मनोज श्रीवास्तव, सदस्य, हेल्प डेस्क समिति
विश्वविद्यालय के छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष गौरव शर्मा का कहना है कि हेल्प डेस्क लगाकर शिकायत सुनना अच्छी पहल है, लेकिन यहां भी छात्रों की परेशानी हल नहीं होती। छात्र फिर लगातार चक्कर काटने को मजबूर रहते हैं। इससे पहले भी हेल्प डेस्क लगी, लेकिन कुछेक का ही समाधान हुआ। - गौरव शर्मा, पूर्व अध्यक्ष छात्र संघ
सभी विभागों की समन्वय समिति बनाई जाए, जिससे संबंधित विभाग की त्रुटियां या फिर गड़बड़ी हो उसे मौके पर सुधार कराते हुए एजेंसी भेजें। शिकायतों के निस्तारण को प्राथमिकता देते हुए इसके लिए अलग विंग बनाई जाए। - रवि यादव, समाजवादी छात्र सभा