केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती ने आगरा के तारघर मैदान में आयोजित ओडीएफ स्थिरता कार्यशाला में लोगों से कहा कि नदी की रक्षा और नारी का सम्मान एक जैसा है। समाज इन दोनों का काम करेगा, तब देश आगे बढ़ेगा।
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उन्होंने कहा कि गंगा और यमुना नदी की सफाई का काम सरकार ने शुरू किया है, लेकिन इसे बनाए रखने की जिम्मेदारी समाज और लोगों की है। संत और समाज नदियों की सफाई के लिए आगे आए। सरकार स्वच्छता के लिए ठोस तरल कूड़ा प्रबंधन के प्रोजेक्ट लगा रही है।
उन्होंने समाज में स्वच्छता के क्षेत्र में काम करने वाले प्रधान राजवीर सिंह, बलवीर सिंह, ममता देवी, सीमा देवी, गीता देवी समेत 15 ग्राम प्रधान और स्वच्छाग्राही मुरारी, यशोदा, पंकज बंसल, गुंजन परमार, मालती देवी समेत 18 स्वच्छाग्राहियों को सम्मानित किया
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गंगा किनारे के 4 हजार गांव ओडीएफ
मंच पर केंद्रीय मंत्री उमा भारती व सांसद, विधायक
नमामि गंगे कार्यक्रम से जुड़ी रहीं उमा भारती ने कहा कि गंगा किनारे के 4 हजार गांव ओडीएफ किए गए हैं। नदियों को अब गंदा करने से बचें। अगर नदियों में पूर्वजों का तर्पण करना है तो पहले नदी का पानी पीने लायक बनाएं।
उन्होंने महिलाओं से अपील की कि नदी की तरह समाज को साफ रखना भी उनकी जिम्मेदारी है। नदी की तरह नारी का सम्मान कराएं। बेटों को समझाएं कि अपनी बहन की तरह दूसरी युवती का सम्मान करें। दिमाग की गंदगी दूर करेंगे तभी भारत बढ़ेगा।
31 मार्च तक ओडीएफ हो जाएगा उत्तर प्रदेश
उमा भारती ने कहा कि बेस लाइन सर्वे में छूटे परिवारों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 44 लाख और शौचालयों का निर्माण करने के लिए मदद मांगी है। 31 मार्च तक पूरी धनराशि प्रदेश सरकार को भेज दी जाएगी, ताकि उत्तर प्रदेश पूरी तरह से ओडीएफ हो सके।
2017 तक यूपी केवल 48 फीसदी ओडीएफ हो सका था, लेकिन डेढ़ साल में ही 98 फीसदी से ज्यादा काम हो चुका है। भारत का पहला ओडीएफ क्रांति वाला राज्य केरल है, लेकिन डेढ़ साल में जैसा काम यूपी ने किया, वैसा किसी राज्य ने नहीं किया।
उमा भारती ने प्रयागराज कुंभ में नदी में साफ पानी और व्यवस्थाओं पर प्रदेश सरकार की तारीफ की। उन्होंने कहा कि ऐसी स्वच्छता और व्यवस्था किसी कुंभ में नहीं रही। 1500 स्वच्छाग्राही और 15 हजार सफाईकर्मी यहां काम कर रहे हैं। पानी की क्वालिटी इस बार के कुंभ में सबसे अच्छी है।
सांसद, मेयर के देर से आने पर जताई नाराजगी
उमा भारती एससी आयोग अध्यक्ष एवं सांसद रामशंकर कठेरिया और मेयर नवीन जैन के लेट आने पर नाराज हुईं। उनके आने पर अफसर उठे तो बोलीं कि कोई नेता आ रहे हैं। टाइम पर तो आते नहीं, लेट आते हैं। वहां मत देखो, मेरी तरफ देखो। कान, आंख मेरी तरफ लगाओ।
सांसद कठेरिया को देखकर बोलीं कि अब आ रहे हो, संघ वाले कभी लेट आने की नहीं कहते। जनता से पूछा कि इन्हें जानते हो, यह सांसद हैं। लेट आते हैं, लेकिन स्वागत करो। कराइये अपना स्वागत।
फिर मेयर नवीन जैन से मुखातिब होकर बोलीं कि तुम मेयर हो, आज क्यों आए, कल आ जाते। पर इनका भी स्वागत करो। लोगों ने उमा भारती के इस अंदाज को पसंद किया और तालियां बजाईं।