बिल्कुल विपरीत तहरीर है। पोस्टमार्टम में साफ हुआ कि युवक ने गोली चलाई ही नहीं। उसे लगी गोली भी दूर से चली। अब तक न वह तमंचा मिला, न ही प्रेमी युगल के मोबाइल। ये परिस्थितियां और युवक के घरवाले चीख-चीखकर कह रहे हैं कि गेहूं के उस खेत में दोनों की आन के लिए हत्या की गई। लेकिन पुलिस ने वही किया जो तय कर रखा था। रात तीन बजे युवती के पिता को बुलाकर तहरीर ली और मृत युवक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करके ‘आनर किलिंग’ पर पर्दा डाल दिया।
सोमवार शाम तकरीबन साढ़े सात बजे एत्मादपुर के गांव में यहीं की मालती और गांव संवाई निवासी उसके प्रेमी सोनू का शव गेहूं के खेत में पड़ा मिला था। मालती जिसकी शादी चार दिन बाद होने वाली थी, उसकी मांग भरी थी। मंगलसूत्र और बिछुए पहन रखे थे। दोनों की कनपटी पर गोली लगी थी। पुलिस ने मौके से कारतूस का एक खोखा तो बरामद किया, तमंचा और दोनों के मोबाइल नहीं मिले। मालती की चचेरी बहन हेमलता ने पुलिस को बताया कि उसके सामने सोनू ने पहले मालती को, फिर खुद को गोली मारी। पुलिस इसी कहानी को सच बनाने में जुट गई। उसने चंद घंटे बाद ही घटना की पटकथा लिख दी। रात तीन बजे मृतका के पिता उम्मेद सिंह को थाने बुलाया। उनसे तहरीर लेकर मृत सोनू के खिलाफ मालती की हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। अब पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है।
रिपोर्ट मेें यह लिखाया
रिपोर्ट मेें उम्मेद सिंह ने लिखाया कि मेरे भाई पप्पू की बेटी डॉली की शादी ग्राम संवाई के देवेंद्र सिंह से हुई थी। देवेंद्र सिंह का भतीजा सोनू घर आता-जाता था। मालती से उसके प्रेम संबंध हो गए। सोनू ने मालती को खेत पर बुलाया। भतीजी हेमलता भी उसके साथ थी। वहां सोनू ने मेरी बेटी की गोली मारकर हत्या कर दी और खुद को भी गोली मार ली।
‘अपनी आन के लिए मेरा बेटे को भी मार डाला’
बेटे के हत्यारोपी बताए जाने से दहशतजदा सोनू के घरवाले सोमवार को न तो घटनास्थल, न ही थाने पहुंचे। मंगलवार को उन्होंने मुंह खोला लेकिन पुलिस ने उनकी एक न सुनी। उन्होंने थाने पहुंचकर न सिर्फ शिकायत की, बल्कि लड़की के पिता और भाइयों के खिलाफ हत्या की तहरीर भी दी। सोनू के पिता अशोक कुमार ने थाने में दी गई तहरीर में लिखा है कि सोमवार को मालती ने फोन करके उनके बेटे सोनू को लखनामई बुलाया था। दोनों में प्रेम संबंध थे। इसी कारण मालती के पिता उम्मेद सिंह और उसके बेटे हरेंद्र, भुल्ला और रोहित ने योजनाबद्ध ढंग से सोनू और मालती की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने लड़की पक्ष की ओर से मुकदमा लिखने में जितनी तेजी दिखाई, उतनी गंभीरता से लड़का पक्ष के आरोपों को नहीं लिया। परिवारीजनोें का कहना है कि पुलिस दबाव में एकतरफा कार्रवाई कर रही है। उनकी तहरीर पर जांच भी की जाएगी, यह भरोसा नहीं है।
सोनू पक्ष की तहरीर
पर भी होगी जांच
एसएसपी राजेश मोदक का कहना है कि लड़की पक्ष की तहरीर पर हत्या का मुकदमा भले दर्ज कर लिया गया है, जांच की जा रही है। अगर, लड़का पक्ष की ओर से भी तहरीर दी गई है तो उस पर भी जांच करके कार्रवाई की जाएगी। मुकदमा जांच के बाद लिखेंगे। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार हो रहा है।
कैसे बना दिया हत्यारोपी
- रात तीन बजे लड़की के पिता को थाने बुलाकर तहरीर ली।
- जिस तमंचे से गोली चली वह घटनास्थल पर नहीं मिला।
- युगल के मोबाइल 24 घंटे बाद भी बरामद नहीं हो सके।
- अंतिम लोकेशन पता करने को ले रहे सर्विलांस की मदद।
सोनू के घरवालों के सवाल
1. शादी रचाने के बाद दोनों अपनी जान क्यों देंगे?
2. सिंदूर की डिब्बी यहां लाकर तो नहीं रखी गई?
3. सोनू पैदल ही आया फिर दोस्त की कहानी क्यों?
जान बचाने को संघर्ष किया था सोनू ने
आगरा/एत्मादपुर। गांव लखनामई में प्रेमी युगल की हत्या पूरी तैयारी के साथ की गई थी। मालती को आसानी से मौत की नींद सुला दिया गया, जबकि सोनू ने जान बचाने के लिए संघर्ष किया था। उसकी गर्दन पर खरोंच के निशान भी मिले। गोली उसके सिर के अंदर ही फंसी रह गई। दोनों की मौत आधा घंटे के अंतराल में हुई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, मालती और सोनू की मौत सिर में गोली लगने से अत्यधिक रक्तस्राव के कारण हुई। मालती को नजदीक से (तकरीबन दो फीट) की दूरी से गोली मारी गई, जो सिर से पार निकल गई। उसके साथ मारपीट के निशान नहीं मिले हैं। वहीं सोनू के संघर्ष करने के संकेत साफ हैं। उसकी गर्दन पर हाथ से पकड़ने जैसे निशान थे। खरोंच भी थी। अनुमान है उसे अपेक्षाकृत थोड़ी दूर (तकरीबन पांच फीट) से गोली मारी गई जो अंदर ही फंसी रह गई। सोनू के हाथों पर गन पाउडर भी नहीं मिला, यानी उसने तमंचा नहीं चलाया। इससे यह भी साफ हुआ कि उसने खुदकुशी नहीं की, उस पर गोली किसी और ने चलाई। तमंचे का न मिलना भी यही बताता है। शाम तकरीबन साढ़े सात बजे के आसपास गोली लगने और आधा घंटे के अंतराल में दोनों की मौत हुई। आशंका है कि पहले मालती, फिर सोनू की हत्या की गई। उधर, परिवारीजनों का कहना था कि सोनू की पीठ पर घसीटे जाने से आए चोट के निशान थे। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका जिक्र नहीं है।
हेमा की कहानी सच्ची
या पोस्टमार्टम रिपोर्ट
चचेरी बहन हेमा ने पुलिस को बताया था कि सोनू ने पहले मालती, फिर खुद को गोली मारी थी। रिपोर्ट भी इसी आधार पर दर्ज की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद अब हेमा का बयान रची गई कहानी दिख रही है। संभव है ऐसा उसने किसी के दबाव में कहा हो। उससे ठीक से पूछताछ से सच सामने आ सकता था मगर, पुलिस ने उसकी ही कहानी को सही मान लिया।
अलग न हुए तो मौत की नींद सुला दिया
आगरा/एत्मादपुर। दो साल पहले दोस्ती, फिर प्यार। सोनू और मालती की यही कहानी है। मगर, मालती के घर वाले उनके इस रिश्ते से खुश नहीं थे। सोनू के घरवालों ने बताया है कि वे अलग न हुए तो उन्हें मौत की नींद सुला दिया गया। मूलरूप से गांव संवाई निवासी अशोक कुमार एत्माद्दौला के शोभानगर में किराये के मकान में रहते हैं। वे खराद का कारखाना चलाते थे। उनके चार बेटों में सोनू बड़ा था। आठवीं तक पढ़ा सोनू पहले मदूरी करता था फिर घर ढहाने और मलबा उठवाने का ठेकेदार बन गया। दो साल पहले चाचा देवेंद्र की शादी गांव लखनामई मेें हुई तो उसका वहां आना-जाना हुआ और मालती से नजदीकियां बढ़ीं। वे दोनों शादी करना चाहते थे हालांकि कभी अपने घरवालों से बात नहीं की। मालती के प्रेमसंबंध की भनक उसके परिवारीजनों को भी थी। अशोक कुमार ने बताया कि मालती के घरवालों ने इसी कारण जल्दबाजी में मालती का रिश्ता तय कर दिया। मगर, वह सोनू से ही शादी करना चाहती थी।