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ये लापरवाही खतरनाक है: आगरा में अनफिट स्कूल वाहनों में ठूंसकर बैठाए जा रहे बच्चे, आरटीओ भी बेखबर

Fri, 29 Apr 2022 04:55 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

आगरा में नौनिहालों की सुरक्षा से खिलवाड़ हो रहा है। अनफिट स्कूल वाहन सड़कों पर दौड़े रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अफसर बेखबर बने हुए हैं। जबकि इसी तरह की लापरवाही से गाजियाबाद में दर्दनाक हादसा हो चुका है। 
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स्कूल वैन की खिड़की से बाहर झांकता छात्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गाजियाबाद के बस हादसे के बाद भी आगरा में आरटीओ ने सबक नहीं लिया है। बच्चों को स्कूली वाहनों (कैब और ऑटो) में ठूंस-ठूंसकर बिठाया जा रहा है। 221 पंजीकृत कैब/वैन में से 103 अनफिट हैं। बृहस्पतिवार दोपहर को एमजी रोड पर एक स्कूल से संबद्ध वैन में 14 बच्चों को ठूंसकर बैठाए गए थे। एक अन्य स्कूल वैन का चालक बेपरवाह गाड़ी दौड़ा रहा था, जबकि वैन की खिड़की पर एक छात्र सिर बाहर करके सो रहा था। 

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कोरोना संक्रमण में दो साल स्कूलों के बंद रहे। इस दौरान स्कूली वाहनों की हालत और गिरी है। आरटीओ के रिकॉर्ड के मुताबिक, कैब/वैन के अलावा 1150 स्कूल बसें विभाग में पंजीकृत हैं। इनमें से 384 अनफिट हैं। 187 तो कबाड़ हो चुकी (15 साल की आयु पूरी कर चुकीं) हैं। आरटीओ का दावा है कि कबाड़ बसों में से 45 बसों को सीज किया जा चुका है लेकिन शेष अनफिट, कबाड़ हो चुकी स्कूल बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं।

आठ की जगह बैठा रहे 14 तक बच्चे

नई गाइडलाइन के अनुसार, स्कूल वैन में आठ बच्चे बैठाए जा सकते हैं लेकिन 12 से 14 तक बच्चों को ठूंसकर ले जाया जा रहा है। ऑटो में चालक की सीट के पास भी बच्चों को बिठाया जा रहा है। सरेआम मुख्य सड़कों, चौराहों से ये वाहन गुजरते हैं लेकिन कार्रवाई नहीं होती।बृहस्पतिवार को नामचीन स्कूलों के बच्चे भी इस तरह से वाहनों में नजर आए। 

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न ड्राइविंग लाइसेंस न सत्यापन

परिवहन निगम की गाइडलाइन के मुताबिक, स्कूल वाहन के चालक को कम से कम पांच साल का अनुभव होना चाहिए। उसके ड्राइविंग लाइसेंस की जांच होनी चाहिए। उनके चरित्र का सत्यापन किया जाना चाहिए। कोरोना काल के तीन साल के दौरान चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की जांच और चरित्र सत्यापन नहीं कराया गया है। आरटीओ (प्रवर्तन) केडी सिंह का कहना है कि स्कूलों के चालकों के लाइसेंस की जांच और सत्यापन नहीं कराए गए हैं। पुलिस इन चालकों का सत्यापन करके रिपोर्ट की एक प्रति आरटीओ में जमा कराएगी। 

15 साल पुरानी बसें चलाईं तो मान्यता समाप्ति की कार्रवाई

आरटीओ (प्रवर्तन) ने बताया कि चेकिंग के दौरान आयु पूरी कर चुकीं स्कूल बसों को बच्चों को लाने ले जाने में प्रयोग पाया गया है। स्कूल प्रबंधक, प्रधानाचार्य इस तरह की बसें संचालित नहीं करें। यदि ऐसी बसें संचालित होते पकड़ी गईं तो निरोधात्मक कार्रवाई के साथ ही संबंधित स्कूल की मान्यता को समाप्त करने की सिफारिश शिक्षा विभाग से की जाएगी। 

45 स्कूली वाहनों के चालान 

आरटीओ ने बताया कि प्रवर्तन टीमें लगातार चेकिंग कर रही हैं। बृहस्पतिवार को भी 45 स्कूली वाहनों का चालान किया गया। फिटनेस, मानकों की अनदेखी, चालक के पास लाइसेंस नहीं होने जैसी खामियों पर कार्रवाई की गई।
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