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ताजनगरी में आठ स्मारकों के सामने एलिवेटेड, चार के लिए भूमिगत चलेगी मेट्रो

Mon, 13 May 2019 11:37 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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आगरा में स्मारकों के बीच मेट्रो ट्रेन चलाने की कवायद शुरू हो चुकी है। मेट्रो की डीपीआर में शहर के 8 स्मारकों के सामने मेट्रो ट्रैक और स्टेशन को एलिवेटेड, जबकि केवल चार को ही भूमिगत बनाया जाना तय किया गया है। ताज में 500 मीटर और किला, जामा मस्जिद और दिल्ली गेट के पास प्रतिबंधित 100 मीटर दूरी के बाहर ही ट्रैक और स्टेशन बनाए जाएंगे।
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गुरुवार को मेट्रो के अधिकारियों ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण अधिकारियों के साथ बैठक की। अधीक्षण पुरातत्वविद केसाथ वार्ता में मेट्रो के लिए अनुमति पर चर्चा की गई, जिसमें मेट्रो अफसरों को कहा गया कि अनुमति कांपीटेंट अथॉरिटी से लें। नेशनल मान्यूमेंट अथॉरिटी स्मारकों के पास निर्माण की अनुमति दे सकती है। हालांकि, एएसआई अधिकारियों ने मेट्रो से एलाइनमेंट और निर्माण की जानकारी मांगी है।

आगरा कैंट से कालिंदी विहार रूट

सिकंदरा से ताजमहल तक रूट - फोटो : अमर उजाला
 
स्मारक  स्टेशन  स्मारक से दूरी
रामबाग  रामबाग 105 मीटर
लाल मस्जिद कमला नगर  65 मीटर
रोमन कैथोलिक सिमेट्री एमजी रोड 14 मीटर
देहली गेट संजय प्लेस 355 मीटर

भूमिगत मेट्रो के कंपन से स्मारक को खतरा

मेट्रो ट्रेन के चार स्टेशन ऐसे होंगे, जो स्मारकों के पास भूमिगत बनाए जाएंगे। हालांकि, इसका ख्याल रखा गया है कि भूमिगत स्टेशन और मेट्रो ट्रैक राष्ट्रीय संरक्षित स्मारकों से 100 मीटर से ज्यादा दूर हों। ताजमहल पर इसकी दूरी 505 मीटर रखी गई है। 

दरअसल, भूमिगत टनल बनाने और इसमें मेट्रो के संचालन से कंपन हो सकता है, जो स्मारकों की बुनियाद और वास्तु को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए स्मारकों के पास भूमिगत निर्माण की संस्तुति भी नहीं की गई है और जहां भी स्मारकों से सटाकर स्टेशन बनाए जाने हैं, वहां एलीवेटेड स्टेशन बनाए गए हैं।
 
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एएसआई के सख्त नियमों को बदलना होगा

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के 2010 में एक्ट में हुए संशोधन के बाद नियम बने कि स्मारक के 100 मीटर में कोई भी निर्माण नहीं किया जा सकता। 101 से 300 मीटर परिधि में नेशनल मॉन्यूमेंट अथॉरिटी की अनुमति प्राप्त कर निर्माण किया जा सकता है। 

नेशनल मॉन्यूमेंट अथॉरिटी भी 100 मीटर से बाहर निर्माण की अनुमति दे सकती है, लेकिन 100 मीटर के अंदर निर्माण के लिए एएसआई नियम को बदलना होगा। राज्यसभा में संशोधन विधेयक पास होना है, जिसमें यह कहा गया है कि केंद्र सरकार की फंडिंग वाली सार्वजनिक उपयोग की योजनाओं को अनुमति दी जा सकती है। 

‘मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट की फाइनल डीपीआर मांगी है। स्मारकों के पास से मेट्रो लाइन का एलाइनमेंट और स्टेशनों की दूरी का नक्शा मांगा है ताकि हम अपने स्मारकों की चिंता से मेट्रो अधिकारियों को अवगत करा सकें’।- वसंत कुमार स्वर्णकार, अधीक्षण पुरातत्वविद, आगरा सर्किल

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