अंकू ने बताया कि तत्काल ही घरवालों को सूचना दी। परिवार के लोग कचौराघाट पुल पर पहुंचे तो बाइक खड़ी मिली, पास में चप्पल पड़ी थी। तलाश के लिए पुलिस प्रशासन के न पहुंचने पर परिजनों ने पुल पर जाम लगा कर हंगामा शुरू कर दिया। जाम की सूचना पर नायब तहसीलदार दयाचंद और एसओ चित्राहाट रुद्रप्रताप सिंह मौके पर पहुंच गए। करीब आधे घंटे बाद परिजनों और ग्रामीणों को समझा कर जाम खुलवाया। किसान की यमुना में तलाश के लिए गोताखोर बुलाए थे, लेकिन अंधेरा होने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू नहीं हो पाया।
भतीजे अंकू ने बताया कि राधेश्याम यादव कर्ज से परेशान थे। सात बीघा रकवे में बाजरा की फसल में बारिश से नुकसान हुआ है। कर्जदारों का तगादा बढ़ने के सदमे में उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया है। आत्मघाती कदम उठाने से पहले वह अपनी बीमार मां को चित्राहाट से दवाई दिला कर लाए थे। मां को घर पर छोड़ कर कचौराघाट पुल पर पहुंच गये। राधेश्याम की तीन बेटी और एक बेटा है। इस संबंध में नायब तहसीलदार दयाचंद पौरुष ने बताया कि गृहक्लेश में आत्मघाती कदम उठाया है। कर्ज या फसल के नुकसान की कोई बात सामने नहीं आई है। राजस्व टीम से जांच कराई जाएगी।