मैनपुरी। थाना दन्नाहार के एक गांव में चार साल पहले किशोरी से दुष्कर्म करने वाले सगे चाचा को 10 साल की सजा सुनाई गई है। उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। किशोरी का अपहरण करने वाले को चार साल की सजा सुनाकर अपर जिला जज षष्ठम चेतना चौहान ने पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
थाना दन्नाहार के एक गांव की रहने वाली एक किशोरी 9 जुलाई 2020 की रात को अपने घर में सो रही थी। परिवार के लोग छत पर सो रहे थे। किशोरी का आरोपी आशीष अपहरण करके ले गया। किशोरी के सगे चाचा मुकेश उर्फ पंछी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। किशोरी के भाई मोहित ने थाना दन्नाहार में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने किशोरी को बरामद करके मेडिकल कराने के बाद परिजन को सौंप दिया।
पुलिस ने जांच करने के बाद मुकदमे की सुनवाई के लिए चार्जशीट न्यायालय में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज षष्ठम चेतना चौहान के न्यायालय में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक, किशोरी सहित गवाहों ने कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर मुकेश को किशोरी से दुष्कर्म करने का दोषी पाया गया। उसको 10 साल की सजा सुनाकर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
आशीष को किशोरी का अपहरण करने का दोषी पाकर चार साल की सजा के साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
किसी अदालत से नहीं मिली जमानत
किशोरी के चाचा मुकेश को पुलिस ने जेल भेज दिया। उसकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। गवाही के आधार पर दुष्कर्म करने का आरोप साबित होने पर सजा सुनाने के बाद मुकेश को आशीष के साथ जेल भेज दिया गया।