पुलिस और एयरफोर्स में भर्ती की तैयारी के लिए तड़के मथुरा के सादाबाद रोड पर दौड़ लगा रहे तीन युवकों को पीछे से आए तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया। दो युवकों की तो मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया है।
बलदेव के गांव कासिमपुर निवासी तेजवीर सिंह का बेटा 18 वर्षीय संकेत सिंह, पड़ोस के गांव कचनाऊ निवासी राजेंद्र सिंह का 18 वर्षीय पुत्र पवन कुमार और रीढ़ा बलदेव निवासी मुकेश का 19 वर्षीय पुत्र दुर्गेश तीनों बलदेव में एयरफोर्स की तैयारी के लिए कोचिंग कर रहे थे।
कोचिंग के लिए संकेत और पवन ने रीढ़ा बलदेव में ही एक कमरा ले रखा था। तीनों दोस्त हर रोज सुबह पांच बजे दौड़ लगाने और व्यायाम करने सादाबाद रोड पर जाते थे।
मंगलवार को सादाबाद रोड पर तड़के करीब 5:30 बजे तीनों कोल्ड स्टोरेज के निकट दौड़ रहे थे। इसी दौरान मथुरा की ओर से तेज गति से आए ट्रक ने तीनों को कुचल दिया।
घटना में पवन की मौके पर ही और संकेत की नयति अस्पताल पहुंचते ही मौत हो गई, वहीं दुर्गेश की हालत चिंताजनक बनी हुई है। घटना के बाद ट्रक चालक गाड़ी को सादाबाद की ओर भगा ले गया।
मंगलवार सुबह दौड़ लगाने निकले तीनों दोस्तों को क्या पता था कि वह जिस जुनून से एयरफोर्स का जवान बनने की तैयारी कर रहे हैं उसमें थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा हो जाएगी।
जब तक परिजन पहुंचे तब देर हो चुकी थी
यही ख्याल कर संकेत के चाचा डा. गुरुदत्त परिहार और बाबू पोस्टमार्टम पर फूट-फूट कर रो रहे थे। चाचा गुरुदत्त ने बताया कि पढ़ाई में होशियार व शारीरिक रूप से मजबूत होने से बच्चों को एयरफोर्स में जाने की सलाह दी थी। इसी को लेकर बलदेव में कोचिंग करा रहे थे और इसी मकसद से गांव से लाकर बलदेव में कमरा दिलाया था।
डा. गुरुदत्त ने बताया कि तड़के 5:30 बजे राहगीरों और दौड़ लगा रहे अन्य दो युवकों ने घायल संकेत व दुर्गेश को देखकर पुलिस कंट्रोल रूम और डायल 100 को सूचना देने का प्रयास किया लेकिन आधे घंटे तक कोई फोन नहीं उठा।
आखिर में दौड़कर घर जाकर सूचना दी, तब परिवारीजन घायलों को लेकर नयति पहुंचे। तब तक संकेत के सिर से बहुत खून बह चुका था। पवन भी दम तोड़ चुका था।