बेवर। कैनरा बैंक के कई उपभोक्ताओं के खाते से लाखों रुपये पार होने के मामले में साइबर सेल की टीम ने खुलासा करते हुए दो शातिरों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से तीन मोबाइल, एटीएम कार्ड रीडर, बायोमैट्रिक डिवाइस बरामद हुई। पुलिस अब शातिरों के सहयोगी बैंक के एक अस्थाई कर्मचारी की तलाश कर रही है। पकड़े गए आरोपी फर्जी एटीएम जारी कराकर खाते से रुपये निकाल लेते थे।
धोखाधड़ी के इस मामले में बृहस्पतिवार को सीओ भोगांव अमर बहादुर ने बताया कि थाना पुलिस ने साइबर सेल के सहयोग से धोखाधड़ी करने वाले दो शातिर गिरफ्तार कर लिए। साइबर सेल प्रभारी विक्रम सिंह ने जांच के दौरान टीम के एक्सपर्टस जोगेंद्र चौधरी, सरयू, महिपाल सिंह, मनोज कुमार और विजय सिंह के साथ जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि बैंक का एक अस्थाई कर्मचारी अंकुर इस धोखाधड़ी के मामले में सूत्रधार है।
इस बीच साइबर सेल की टीम ने प्रभारी निरीक्षक विजय गौतम के साथ सौरभ और जतिन निवासी मलावन थाना मलावन एटा को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से बरामद तीन मोबाइल, दो लैपटॉप की जांच की तो बैंक से की गई धोखाधड़ी की परतें खुलतीं चली गईं। कब्जे से एटीएम कार्ड रीडर और बायोमैट्रिक डिवाइस भी बरामद हुई।
पकड़े गए शातिरों ने बताया कि बैंककर्मी अंकुर से उनकी दोस्ती हो गई थी। अंकुर ने कुछ खाता धारकों के मोबाइल नंबर बदल कर उनके एटीएम दिए थे। उन लोगों ने अलग अलग स्थानों से रुपये निकाले थे।
यह था पूरा मामला
कस्बा स्थित कैनरा बैंक के कई खाता धारकों के खाते से लाखों रुपये की रकम गायब हो रही थी। उनकी ओर से बैंक अधिकारियों को शिकायत दी गई। इस बीच पता चला कि शातिर उपभोक्ताओं का फर्जी एटीएम जारी कराकर लाखों रुपये खाते से निकाल लेते हैं। नंबर भी उन्हीं का होने के कारण उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी तक नहीं होती। मामले में शाखा प्रबंधक अजय कुमार की ओर से थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
संपत्ति के बारे में जुटाई जा रही जानकारी
प्रभारी निरीक्षक विजय गौतम ने बताया कि पकड़े गए और फरार आरोपियों की चल अचल संपत्ति के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। साक्ष्य मिलने पर संपत्ति के जब्तीकरण किए जाने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पुलिस अस्थाई कर्मचारी अंकुर की तलाश कर रही है।
4.92 लाख रुपये खाते में कराए सीज
साइबर सेल प्रभारी ने बताया कि शातिरों लैपटॉप आदि को जांचने के बाद करीब 4.92 लाख रुपये खाते में सीज कराए गए हैं। सीज कराए गए रुपये खाता धारक के पास पहुंचेंगे। पकड़े गए दोनों आरोपी सगे भाई है। इन्होंने बताया है कि पूरी योजना इनके भाई सचिन ने बनाई थी। उसकी भी तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे भी पकड़ लिया जाएगा।