आगरा के लिए आई खाद की जांच करते जिला कृषि अधिकारी
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सूबे के 21 जिलों में वितरण के लिए भेजे गए एमओपी (पोटाश) उर्वरक से लदे दो ट्रक रास्ते में गायब हो गए। औरैया के लिए 132.5 मीट्रिक टन खाद लदे पांच ट्रक रवाना होने के छह दिन बाद सिर्फ तीन पहुंचे। दो ट्रक लापता हो गए। खाद की कालाबाजारी व तस्करी की आशंका जताते हुए औरैया के जिला कृषि अधिकारी ने आगरा के डीएम से शिकायत की है। इसके बाद आगरा स्थित फर्टिलाइजर एजेंट, उर्वरक कंपनी प्रतिनिधि व ट्रांसपोर्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई।
कुबेरपुर में है रैक प्वाइंट
जिला कृषि अधिकारी आगरा विनोद सिंह ने बताया कि कुबेरपुर में रैक प्वाइंट है। एक जून को मौजेक कंपनी की 2655.60 मीट्रिक टन एमओपी (पोटाश) खाद की रैक आई थी। जिसे संजय अग्रवाल मैसर्स अग्रवाल मार्केटिंग एंड सर्विसेज (पता शंभू अपार्टमेंट प्रोफेसर कॉलोनी) को वितरण के लिए दिया गया। ये फर्टिलाइजर के सीएंडएफ एजेंट हैं। यहां से 21 आवंटित जिलों में तय मात्रा के मुताबिक कुल 2570.5 मीट्रिक टन खाद का वितरण करना था। इनमें आगरा, अलीगढ़, औरैया, बदायूं, बुलंदशहर आदि जिले शामिल हैं।
दो दिन में पहुंचनी थी खाद
सभी जिलों में एक से दो दिन में खाद पहुंच जानी थी, लेकिन छह जून को औरैया के लिए आवंटित पांच ट्रक में (132.5 मीट्रिक टन) सिर्फ तीन ट्रक ही पहुंचे। इनमें 82 मीट्रिक टन खाद थी। 50 मीट्रिक टन खाद लदे दो ट्रक लापता हो गए। ये बात औरैया के खाद भंडार संचालक ने वहां के कृषि अधिकारी को बताई। औरैया के कृषि अधिकारी ने मामले को गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी आगरा को संदिग्ध स्थिति की आशंका पर कार्रवाई के लिए छह जून को पत्र लिखा।
मांगा जा रहा ब्योरा
जिला कृषि अधिकारी आगरा ने बताया कि डीएम के आदेश पर आगरा में फर्टिलाइजर एजेंट, मौजेक कंपनी प्रतिनिधि व ट्रांसपोर्टर के विरुद्ध खाद की कालाबाजारी व तस्करी की आशंका पर एफआईआर दर्ज कराई है। 21 जिलों में आवंटन के सापेक्ष वितरण की जांच कृषि निदेशालय से कराई जा रही है। प्रत्येक जिले से ब्योरा मंगाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रोफेसर कॉलोनी स्थित फर्टिलाइजर एजेंट के गोदाम पर भी निरीक्षण किया गया। वहां खाद की बोरियां रखी हैं। उनकी जांच शुरू हो गई है।