आगरा में एत्माद्दौला क्षेत्र से पांच महीने पहले लापता हुए चांदी कारीगर राशिद की हत्या की गई थी। पुलिस ने चांदी व्यापारी सहित तीन की गिरफ्तारी के बाद यह खुलासा किया। चांदी चोरी के शक में व्यापारी कारीगर को दोस्तों के साथ चंबल किनारे ले गया। केबल से गला घोंट दिया। इसके बाद नदी में लाश फेंक दी। पुलिस लाश बरामद नहीं कर सकी है। आशंका है कि उसे नदी में घड़ियाल खा गए। तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
जनवरी से लापता था कारीगर
मार्च में कांशीराम आवास योजना निवासी राजा ने सीओ छत्ता सुकन्या शर्मा से शिकायत की थी। इसमें कहा कि भाई राशिद अब्बास नगर में नानी के घर में रहता था। वह नगला देवजीत निवासी शिवम राजपूत के यहां चांदी की पायल बनाने का काम करता था। कई दिन शिवम के पास ही रुककर काम करता था। जनवरी में लापता हो गया। मगर, उसके कारखाने में रुकने की सोचकर शिकायत नहीं की।
15 दिन पहले दर्ज हुआ अपहरण का मुकदमा
दो महीने तक उसके नहीं आने पर अनहोनी की आशंका हुई। इस पर गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच में लगी थी। 15 दिन पहले राजा ने शिवम पर शक जताया। कहा कि भाई के साथ कोई घटना हो गई है। इस पर सीओ छत्ता सुकन्या शर्मा और थाना प्रभारी निरीक्षक सत्यदेव शर्मा ने जांच की। शिवम की तहरीर पर अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया।
बहाने से बुलाया था
एसपी विकास कुमार ने बताया कि चांदी व्यापारी शिवम राजपूत, उसके दोस्त नई आबादी निवासी आशीष कुमार और जसवंत नगर (एत्माद्दौला) नीरज कुशवाहा को गिरफ्तार किया। पुलिस की पूछताछ में शिवम ने बताया कि उसका नमक की मंडी में चांदी की पायल का काम था। उसके यहां से कई बार चांदी चोरी हो गई थी। उन्हें शक था कि चांदी चोरी राशिद कर रहा है। उससे कई बार पूछा, लेकिन वो कबूल नहीं कर रहा था। इसलिए उसे पांच जनवरी को बहाने से बाइक पर पिनाहट में मध्य प्रदेश के बार्डर पर स्थित चंबल नदी किनारे ले गए।
बेरहमी से की थी हत्या
उससे पूछा कि चांदी चोरी की है। मगर, वो झगड़ने लगा। इस दौरान केबल के टुकड़े से गला दबाने लगे। मगर, वो बोला नहीं। केबल ज्यादा खिंचने से वो मर गया। इससे तीनों घबरा गए। नदी में पानी अधिक था। उन्होंने शव को नदी में फेंक दिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि आरोपी हत्या के लिए योजना बनाकर राशिद को अपने साथ ले गए थे। आरोपियों की निशानदेही पर मृतक की टीशर्ट, जूता, केबल का टुकड़ा, बाल और आरोपियों की टीशर्ट भी बरामद हुई। लाश नहीं मिल सकी है। आशंका है कि चंबल में घड़ियाल लाश को खा गए होंगे।