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गजब की लापरवाही: हाईकोर्ट के रिमाइंडर को भी किया नजरअंदाज, एसएसआई और चौकी प्रभारी सस्पेंड

Tue, 07 Jul 2026 08:30 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

हत्या के एक मामले में हाईकोर्ट द्वारा मांगी गई रिपोर्ट समय पर दाखिल न करने और रिमाइंडर के बाद भी लापरवाही बरतने पर थाना सिकंदरा के एसएसआई और प्राक्षी टावर चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया। पुलिस आयुक्त ने सभी थाना प्रभारियों को कोर्ट से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने की सख्त चेतावनी दी।
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up police - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हत्या के मामले में आरोपी के जमानत प्रार्थनापत्र पर सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने थाना सिकंदरा पुलिस से रिपोर्ट मांगी लेकिन दो दरोगाओं ने लापरवाही की। थाने आए कागज को एक ने दूसरे के पास भेज दिया। बाद में कागज को फाइल में रखकर भूल गए। समय पर जवाब दाखिल नहीं हो सका। रिमाइंडर आया मगर इस बार भी दरोगाओं ने ध्यान नहीं दिया। जवाब दाखिल नहीं किया। हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए व्यक्तिगत शपथपत्र प्रस्तुत करने के आदेश पुलिस आयुक्त को दिए। मामले में लापरवाही बरतने पर एसएसआई रामकृष्ण पाल और प्राक्षी टावर चाैकी प्रभारी आलोक तिवारी को निलंबित कर दिया गया।
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वर्ष 2015 में थाना सिकंदरा क्षेत्र में एक हत्या हुई थी। आरोपी के जमानत प्रार्थनापत्र पर सुनवाई होनी थी। सुनवाई से पहले थाना पुलिस से जवाब मांगा गया था मगर दरोगा जवाब दाखिल नहीं कर सके। रिमाइंडर आने पर भी भूल गए। मामला पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के संज्ञान में आया। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि थाना सिकंदरा के एसएसआई और प्राक्षी टावर चाैकी के प्रभारी पर गंभीर लापरवाही का आरोप है। उनके खिलाफ प्रारंभिक जांच के आदेश किए गए हैं। इस मामले में पुलिस आयुक्त ने अपना व्यक्तिगत शपथपत्र भी हाईकोर्ट में दाखिल किया है। इसमें पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का उल्लेख किया है।
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कोर्ट के कागजों को गंभीरता से ले थाना पुलिस
हाईकोर्ट में जवाब दाखिल करने में लापरवाही का मामला सामने आने के बाद पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने थाना प्रभारी और एसीपी के साथ बैठक की। उन्होंने निर्देशित किया कि कोर्ट से आने वाले कागजों को गंभीरता से लिया जाएगा। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर ऐसा कोई करता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। थाने और चाैकी से हटा दिया जाएगा।

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हाईकोर्ट में पेश हुए थे तत्कालीन पुलिस आयुक्त
पूर्व में भी ऐसा मामला सामना का चुका है। थाना सदर में तैनात एक तत्कालीन इंस्पेक्टर ने लापरवाही की थी। हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर की थी। तत्कालीन पुलिस आयुक्त ने अपने स्थान पर अपर पुलिस आयुक्त को भेज दिया था मगर हाईकोर्ट ने पुलिस आयुक्त को ही पेश होने की आदेश किए। इस पर तत्काल पुलिस आयुक्त पेश होने गए थे। मामले में इंस्पेक्टर को निलंबित किया गया था।

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