कासगंज पुलिस को जिस व्यक्ति का शव मिला, उसके ही बेटे हत्यारे निकले। पुलिस ने पूछताछ में दोनों बेटों से पूछताछ की, जिसमें खुलासा हुआ कि उन लोगों ने एक तीसरे साथी की मदद से पिता का कत्ल किया था।
कासगंज में 15 दिन पूर्व ढोलना थाना क्षेत्र के नगला खंगार के बंबे के किनारे मिले अज्ञात व्यक्ति के शव की शिनाख्त होने के चार दिन बाद पुलिस ने हत्या के मामले का खुलासा कर दिया है। यह शव अलीगढ़ जनपद के थाना गंगीरी क्षेत्र के गांव विहारीपुर के ज्ञान सिंह का निकला। ज्ञान सिंह की हत्या को उसके दो पुत्रों ने अपने एक साथी के साथ मिलकर अंजाम दिया। पिता के गांव की ही एक महिला से अवैध संबंध होने के कारण इस वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने तीनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने शुक्रवार को बताया कि नगला खंगार में अज्ञात व्यक्ति के रूप में ज्ञान सिंह निवासी विहारीपुर थाना गंगीरी का शव करीब 15 दिन पूर्व बंबा के किनारे मिला था। उन्होंने बताया कि ज्ञान सिंह के गांव की ही एक महिला से अवैध संबंध थे। वह उस महिला के पास ही कुछ दिनों से रह रहा था। महिला के संबंधों के चलते वह अपनी जमीन, प्लॉट आदि बेच रहा था। उनके पुत्र नीरज कुमार एवं नरेंद्र कुमार इसका विरोध कर रहे थे।
दोनों पुत्रों ने ज्ञान सिंह को कई बार समझाया, लेकिन वह नहीं मान रहे थे। ऐसी स्थिति में दोनों पुत्रों ने अपने एक साथी अवधेश के साथ मिलकर 29 नवंबर की रात में ज्ञान सिंह की गला दबाकर हत्या कर दी। उन्होंने शव को एक दिन अपने घर में ही छिपाकर रखा। 30 नवंबर को शव बाइक पर रखकर नगला खंगार पर बंबा की पटरी के किनारे फेंक दिया। 1 दिसंबर को पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद किया।
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कई दिनों तक प्रयास के बाद भी शव की शिनाख्त नहीं हो सकी। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने शव की शिनाख्त कराई। शिनाख्त होने के बाद परिवार के लोग पहुंचे तो दोनों पुत्रों ने गांव के ही दो अन्य लोगों को झूठा फंसाने के उद्देश्य से हत्या का आरोप लगाया। पुलिस की जांच में यह आरोप गलत निकला। पुलिस ने बारीकी से मामले की जांच-पड़ताल की तो दोनों पुत्र ही पिता के कातिल निकले। पुलिस ने शव ठिकाने लगाने में प्रयोग की गई बाइक भी बरामद की है।