प्रवेश पत्र की फोटो से नहीं मिला चेहरा
आरोपी विश्वजीत ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह इंटरमीडिएट पास है। संदीप यादव कोचिंग चलाता है। उसका फोन से संदीप से संपर्क हुआ था। उसने परीक्षा में पास कराने पर दस हजार रुपये देने की बात कही थी। यह भी बताया कि वह कोचिंग में पढ़ाता है, लेकिन परीक्षा में पास होने के लिए तैयारी नहीं कर सका है। इस पर विश्वजीत तैयार हो गया। उसने दस हजार रुपये ले लिए।
इसके बाद केंद्र में प्रवेश कर गया, लेकिन प्रवेश पत्र के फोटो मिलान में पकड़ लिया गया। उसके पास दो आधार कार्ड भी मिले, जिनमें पता विश्वजीत के घर का लिखा था। मगर, एक आधार कार्ड पर फोटो किसी और का था। इस पर मुकदमे में कूटरचित दस्तावेज तैयार करने की धारा भी लगाई है। विश्वजीत के साल्वर गैंग से जुड़े होने की आशंका है। इसकी जांच पुलिस कर रही है।