यह दोनों सॉल्वर गैंग के सदस्य बताए जा रहे हैं। पुलिस पूछताछ में इन्होंने बताया है कि वो ब्लूटूथ के माध्यम से नकल कराते थे। नौहझील के प्रभारी निरीक्षक श्याम सिंह ने बताया कि कुछ जानकारियां मिल गईं हैं जबकि कुछ जुटाई जा रही हैं।
यह बड़ा नेटवर्क है। पास कराने के लिए दो-दो लाख रुपये लेते हैं। आगे जो शिक्षक भर्ती परीक्षा होने जा रही है यह गैंग उसमें भी सेंधमारी कर रहा है। इन लोगों से पूछताछ के बाद कुछ और नाम सामने आए हैं जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
परीक्षा पर रहेगी एसटीएफ की नजर
प्रदेश में सहायक अध्यापकों की भर्ती परीक्षा पर एसटीएफ की नजर रहेगी। एसटीएफ ने अभी से सॉल्वर गैंग का नेटवर्क खंगालना शुरू कर दिया है। उत्तर प्रदेश के आगरा, मथुरा, अलीगढ़, बरेली, मेरठ, सहारनपुर और गाजियाबाद पर निगाह रखी जा रही है। एसटीएफ को पता चला है कि तमाम अभ्यर्थियों से सॉल्वर गैंग ने सेटिंग करके रकम थाम ली है।
पकड़े गए आरोपियों के पास से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, दो ब्लूटूथ, दो आधारकार्ड, पैनकार्ड, अंकतालिका, एडमिट कार्ड, सनद, तीन फोटो मिले हैं।
इनके नाम से मिले दस्तावेज
जुगेंद्र सिंह निवासी बारखेड़ा, भरतपुर) की मार्कशीट।
मोहित कुमार निवासी उदयपुर, (अलीगढ़) का आधारकार्ड।
हरिबाबू पुत्र रामपाल निवासी चूहूंपुर (अलीगढ़) का आधारकार्ड।
सत्यवीर सिंह पुत्र रमेश चंद का वीडीओ परीक्षा का एडमिट कार्ड।
रामवीर सिंह पुत्र रमेश चंद का वीडीओ परीक्षा का एडमिट कार्ड।
सॉल्वर गैंग के सरगना समेत पांच हैं फरार
प्रभारी निरीक्षक श्याम सिंह ने बताया कि सॉल्वर गैंग का सरगना अलीगढ़ निवासी अरविंद और गैंग के सदस्य विवेक, सौरभ पालीवाल, गौरव, ऋषि फरार है। इन सभी की तलाश की जा रही है।
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि सॉल्वर गैंग के खिलाफ पुलिस का अभियान पूरी मुस्तैदी से चलता रहेगा। किसी भी कीमत पर नकल नहीं होने दी जाएगी। इसकी तैयारी पुलिस ने कर ली है।