आगरा के जगदीशपुरा क्षेत्र में 11वीं की छात्रा से दुष्कर्म के मामले में पुलिस पर लगे आरोपियों को बचाने के आरोप जांच में सही पाए गए। एसपी पूर्वी प्रमोद कुमार ने बुधवार को इसकी जांच रिपोर्ट आईजी रेंज ए सतीश गणेश को सौंप दी। जांच रिपोर्ट में इनकी सत्यनिष्ठा संदिग्ध बताई गई है।
आईजी ने जगदीशपुरा थाना के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक संजय पांडेय और मौजूदा चौकी इंचार्ज नील कुमार को निलंबित किए जाने के निर्देश एसएसपी बबलू कुमार को दे दिए हैं। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जगदीशपुरा थाने में दो सितंबर को एफआईआर दर्ज हुई थी। छात्र के साथ पांच युवकों ने दुष्कर्म किया था। वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया था। छात्रा के पिता ने आईजी से मिलकर शिकायत की थी कि पुलिस ने एक तो दुष्कर्म की तहरीर बदलवाकर छेड़छाड़ का केस दर्ज किया।
आरोपियों को थाने से ही छोड़ा
दूसरा, आरोपियों को थाने से ही छोड़ दिया गया। तीसरा, आरोपी लगातार धमकी देते रहे, पुलिस ने सुनवाई नहीं की। आईजी ने इसकी जांच एसपी पूर्वी से कराई। उनकी रिपोर्ट में बताया गया कि दोनों ने लापरवाही बरती, अपनी जिम्मेदारी का ठीक से निर्वहन नहीं किया, इनकी सत्यनिष्ठ संदिग्ध प्रतीत होती है।
उधर, जांच शुरू होते ही पुलिस ने न केवल मुकदमा दुष्कर्म में तरमीम कर लिया बल्कि पांच में से चार आरोपी गिरफ्तार भी कर लिए। उसी समय यह साबित हो गया था कि पुलिस ने शुरू में मुल्जिमों को बचाया था।
सीओ की क्या जिम्मेदारी, एसएसपी से रिपोर्ट तलब
एसपी पूर्वी ने अपनी जांच रिपोर्ट में सीओ लोहामंडी चमन सिंह चावड़ा को एक तरह से क्लीन चिट दे दी। लिखा है कि उनके संज्ञान में यह मामला नहीं था। इस पर आईजी ने एसएसपी को पत्र लिखकर पूछा कि सीओ की जिम्मेदारी क्या है? ऐसा कैसे हो सकता है कि दो सितंबर को दर्ज मामला एक महीने बाद भी सीओ के संज्ञान में ही न हो।
दो महीने बाद भी मुख्य आरोपी गिरफ्तार नहीं
इतना कुछ हो जाने के बावजूद इस केस का मुख्य आरोपी अब तक गिरफ्तार नहीं हो सका है। वह सपा नेता का बेटा है। सपा नेता उसी कॉलेज का चेयरमैन है जिसमें छात्रा पढ़ती थी। उसके बेटे के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो चुके हैं। इसके बावजूद पुलिस उसका कोई सुराग नहीं लगा पाई है। उसकी गिरफ्तारी के लिए आईजी ने एएसपी हरीपर्वत सौरभ दीक्षित के नेतृत्व में टीम गठित की है।
आरोपी ने अग्रिम जमानत के लिए दी अर्जी
मुख्य आरोपी अग्रिम जमानत की कोशिश में लगा है। उसने कोर्ट में अर्जी दे दी है। इसकी जानकारी पर आईजी रेंज ने सीओ लोहामंडी को निर्देश दिए हैं कि उसकी अर्जी के खिलाफ मजबूती से पैरवी की जाए।
छात्रा की पढ़ाई छूटी, रिश्तेदारी में ली शरण
दुष्कर्म पीड़ित छात्रा तीन महीने से स्कूल नहीं जा रही है। उसके साथ यह घिनौनी वारदात अगस्त में हुई थी। 15 दिन पहले उसके घर के बाहर फायरिंग की गई थी। इसके बाद से वह रिश्तेदारी में रह रही है।