रामकुमार खंडेलवाल ने बताया कि वह मास्क लगाकर बैठे थे। भीड़ बाजार में थी। उनकी दुकान पर दो-तीन ग्राहक ही थे। इसके बावजूद सिपाहियों ने कार्रवाई की बात कही। बाद में दो हजार रुपये की मांग करने लगे। लेकिन, उन्होंने मना कर दिया। रात करीब 9:30 बजे वह घर जा रहे थे। नौबस्ता चौराहे पर सिपाहियों ने रोक लिया और जेल भेजने की धमकी देने लगे। बाद में जेब में रखे दो हजार रुपये छीन लिए।
बाजार कमेटी के पदाधिकारियों ने की शिकायत
पीड़ित व्यापारी एसएसपी बबलू कुमार से मिलने गए, लेकिन उनके कोरोना पॉजिटिव होने के कारण मुलाकात नहीं हो सकी। बाद में एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद से शिकायत की। इस दौरान बाजार कमेटी के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में व्यापार कम है। यदि पुलिस उत्पीड़न करेगी तो उनका व्यापार करना मुश्किल हो जाएगा। सिपाही इस तरह की हरकत कई बार कर चुके हैं, लेकिन डर की वजह से व्यापारी नहीं बोलते। इस पर एसपी सिटी ने मामले में जांच के आदेश किए। सिपाहियों को बयान के लिए बुलाया गया।
माफी मांगी, बयान नहीं देने जाने को कहा
17 नवंबर को दोनों सिपाही रामकुमार खंडेलवाल के पास आए। उनसे माफी मांगी। कहा कि आगे से ऐसा नहीं करेंगे। इसके बाद दो हजार रुपये लौटा दिए। सिपाहियों ने यह भी कहा कि अब अपनी शिकायत वापस ले लें। बयान दिए तो उन पर कार्रवाई होगी। हालांकि व्यापारी का कहना है कि ऐसे पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापारियों को इस तरह ही परेशान किया जाता रहेगा। एसपी सिटी का कहना है कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।