आईएसआई के हनीट्रैप में रक्षा वैज्ञानिकों का पूरा ग्रुप फंस गया है। इन लोगों ने फेसबुक पर अपना अलग ग्रुप बना रखा है। पहले एक फंसा और फिर एक एक कर सब फंसते चले गए। अब यह देखा जा रहा है कि इनमें से कौन जान बूझकर सूचनाएं दे रहा था और कौन अनजाने में।
इनमें से दो अधिकारियों को आगरा से हिरासत में लिया गया था। पूछताछ के बाद इन्हें छोड़ दिया गया। एटीएस के सूत्रों ने बताया कि दोनों कानपुर के रहने वाले हैं। आगरा में एक सेमिनार में भाग लेने के लिए आए थे।
आगरा एटीएस यूनिट को इनके बारे में पड़ताल करने के लिए लगाया गया था। रक्षा से जुड़ी महिला वैज्ञानिक और एक अधिकारी आगरा में एक होटल में ठहरे थे। एटीएस ने आगरा में होटल में उनके कमरे और कानपुर में उनके घर की तलाशी ली।
लैपटॉप, मोबाइल जब्त
उधर, एटीएस के आईजी असीम अरुण ने बताया कि रक्षा से संबंधित एक महिला वैज्ञानिक और एक अधिकारी के यहां भी तलाशी ली गई है। यहां से कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल जब्त किए गए हैं। इनका अभी परीक्षण चल रहा है।
असीम अरुण ने बताया कि फिलहाल इन लोगों के पास से अब तक कोई आपत्तिजनक चीजें या गोपनीय सूचनाएं लीक करने के बारे में सबूत नहीं मिले हैं। बरामद किए गए कंप्यूटर, लैपटाप और मोबाइल का परीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इन दोनों ही लोगों द्वारा अब तक फेसबुक चैटिंग के अलावा और कोई बात सामने नहीं आई है।
ताजनगरी से जुड़ते रहे हैं पाक जासूसों से तार
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के तार ताजनगरी से जुड़ते रहे हैं। आईएसआई ने कई बार ताजमहल और सैन्य क्षेत्र की रेकी कराई है। उसके एजेंट यहां आते रहे हैं।
- पिछले साल लखनऊ में पकड़े गए आतंकी सलीम का आगरा से रिश्ता मिला। उसने यहीं से पढ़ाई की थी।
- वर्ष 2016 में सहारनपुर में पकड़ा गया आतंकी एजाज शेख आगरा आया था। उसने ताजमहल की रेकी की थी।
- वर्ष 2013 में इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी तहसीन अख्तर और शाकिर आगरा में बालूगंज एक होटल में ठहरे थे।
लापता चल रहे हैं 25 पाकिस्तानी नागरिक
ताजनगरी से 25 पाकिस्तानी नागरिक लंबे समय से लापता चल रहे हैं। ये लोग आगरा आए। रिश्तेदारी में ठहरे। इसके बाद लापता हो गए। इनके बारे में कुछ पता नहीं चल पाया है। यहां अवैध रूप से बांग्लादेशी नागरिक भी रह रहे हैं। इनमें से कई जाली करेंसी का काम करते हैं। फातिमा नाम की महिला पिछले साल पकड़ी भी गई थी।