उसके साथ पिंटा, सोनू और ऋषभ भी जाते थे। उन्होंने बताया कि विनय पर 40 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इस कारण उनकी जमानत नहीं हो पा रही थी। वह जेल से बाहर आना चाहता था। हर मुलाकात पर भागने की कहता था, लेकिन वो उसकी बातों में नहीं आए। एक दिन उसने भगाने में मदद करने पर ढाई लाख रुपये देने की बात कही। इससे सभी लालच में आ गए।
परिचितों के यहां गुजारी रात
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि घटना वाले दिन राहुल, पिंटा, सोनू और ऋषभ राजपूत आए थे। विनय से सोनू मिला। उसने राहुल की फोन पर बात कराई। उसने दोनों को गेट नंबर चार पर बाइक लेकर बुलाया। सिपाही को गच्चा देकर विनय आया। राहुल और पिंटा उसे भदावर हाउस के बगल के रास्ते से हाईवे पर ले गए। ऋषभ और सोनू दीवानी में ही रह गए।
वो उसे सिकंदरा होते हुए राया कट पहुंचे। यहां गुड्डू पहलवान के घर गए। मगर, पता चला कि वह फरारी काट रहा है। इस पर तीनों वहां से चल दिए। गुड्डू के दोस्त हरिदास के घर पहुंचे। वह लूट के मामले में जेल गया था। उसके फोन से विनय ने किसी से बात की। रात में एक गांव में रुके। विनय ने अपने परिचित के घर पर रात गुजारी। वह अपना नाम राजेश यादव बता रहा था। उसका भाई दुष्कर्म के मामले में जेल जा चुका है।
आरोपी दूसरे दिन सासनी के एक गांव में गए। वहां विनय ने तमंचे लाकर दिए। उसके बाद मथुरा के गोवर्धन में रात गुजारी। 15 जुलाई को शिकोहाबाद चले गए। इसके बाद में बाइक से फरिहा होते हुए अवागढ़ चले गए, जहां विनय ने 18 हजार रुपये देकर चला गया। आरोपियों ने कई और नाम बताए हैं, जिनके बारे में पुलिस पता कर रही है।