आगरा मेट्रो के काम में तेजी आ गई है। दिल्ली हाईवे पर गुरु का ताल पर काम शुरू कर दिया गया है। हाईवे की एक लेन बंद कर दी गई है। अब यहां काम जब पूरी तरह शुरू हो जाएगा, तो दोनों ओर की एक-एक लेन बंद कर दी जाएगी।
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन ने दूसरे कॉरिडोर के लिए निर्माण कार्य शुरू हो गया है। वर्ष 2027 तक मेट्रो के पहले और दूसरे कॉरिडोर का कार्य पूरा किया जाना है। वहीं मेट्रो के लिए गुरु के ताल से सिकंदरा तक हाईवे के मध्य से आठ मीटर चौड़ाई पर बैरिकेडिंग की जाएगी। जाम लगा तो रेलिंग तोड़कर सर्विस रोड से भी भारी वाहन गुजारे जाएंगे। इसके लिए यातायात पुलिस यातायात प्लान बनाएगी।
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प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद राय ने बताया कि दूसरा कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बनेगा। इसमें 14 स्टेशन हैं और दूरी करीब 15 किमी है। ये पूरा ट्रैक एलिवेटेड है। दूसरे कॉरिडोर के लिए मिट्टी की जांच पूरी होने के बाद सदर क्षेत्र में पाइल लगाने का कार्य शुरू कर दिया है। इसकी गहराई 27 मीटर है। चार पाइल लगाए गए हैं। इस पर पिलर स्थापित किया जाएगा। 14 स्टेशनों का निर्माण 2027 तक पूरा हो जाएगा।
जाम लगा तो रेलिंग तोड़कर सर्विस रोड से गुजारेंगे वाहन
यातायात पुलिस, उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल काॅरपोरेशन (यूपीएमआरसी) और नेशनल हाईवे अथाॅरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के अधिकारियों ने सर्वे कर लिया है। यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि पहले कॉरिडोर का आईएसबीटी स्टेशन सर्विस रोड से गुजरेगा। गुरु के ताल पर आकर ट्रैक हाईवे के मध्य से जाएगा। इसके लिए डिवाइडर के दोनों ओर 4-4 मीटर पर बैरिकेडिंग की जाएगी। इससे दोनों ओर के एक-एक लेन बंद हो जाएंगे। अगर हाईवे पर दो-दो लेन से वाहन गुजरने में जाम लगता है तो रास्ते को चौड़ा करने के लिए रेलिंग हटाकर सर्विस रोड को भी मिलाने की योजना है। इससे यातायात सुगमता से चलेगा। महीने के अंत तक यातायात प्लान बन जाएगा और जनवरी में हाईवे पर दोनों ओर से बैरिकेडिंग शुरू कर दी जाएगी।
नए सिरे से लगेंगे खंभे-एफओबी
एनएचएआई के घटना प्रबंधक आवेश खान ने बताया कि एलिवेटेड ट्रैक बनाने से पहले पूरे ट्रैक की वीडियोग्राफी की गई है। इसमें खंभे, फुटओवर ब्रिज, डिवाइडर समेत जो भी हटाए जाएंगे, ट्रैक बनने के बाद उन्हें नए सिरे से बनाकर यूपीएमआरसी देगा। बैरिकेडिंग के लिए अभी किसी कट को बंद करने की जरूरत नहीं बताई गई है।