निजी स्कूल में शिक्षिका थी सवित्री
सावित्री चांड़ी के एक निजी विद्यालय में शिक्षिका की नौकरी करती थी। वह एक पैर से दिव्यांग थी, लेकिन उसमें आत्मविश्वास कम नहीं था। वह किसी पर बोझ नहीं रहना चाहती थी। वह केए कॉलेज कासगंज में एमए में अध्यनरत थी। जिसकी पढ़ाई के खर्च के लिए वह निजी विद्यालय में शिक्षिका की नौकरी कर रही थी। उसके भाई रामकुमार ने बताया कि वह अपने को कभी कमजोर नहीं समझती थी और अपनी दिव्यागंता को कभी आड़े नहीं आना दिया। वह सरकारी शिक्षिका बनना चाहती थी। इसी के चलते वह निजी विद्यालय में शिक्षिका के पद बच्चों को शिक्षा दे रही थी।
वाहन चलाते समय कोहरे में बरते सावधानी
- कोहरे में वाहन की गति धीमी रखें
- फॉग लाइट का प्रयोग करें
- कोहरे में आगे चल रहे किसी वाहन को ओवर टेक करने से बचे।
- कोहरे में आगे वाले वाहन से अपनी गाड़ी निश्चित दूरी रखते हुए चलाएं।
- वाहन के पीछे रिफ्लेक्टर जरूर लगवाएं।