जिन्होंने आंख दान की उनका आभार
खंदौली की 24 साल की नीशू ने बताया कि चोट से आंख खराब हो गई थी। इससे मन दुखी हो गया। एसएन में इलाज के वक्त कॉर्निया के लिए पंजीकरण कराया। आंख लगने से मेरी दुनिया बदल गई। डॉक्टर और जिन्होंने आंख दान की उनका आभार है।
ये हैं नेत्रदान के प्रहरी
आगरा विकास मंच के संयोजक सुनील कुमार जैन ने बताया कि मंच के दिवंगत संरक्षक अशोक जैन सीए ने 2005 में ये प्रकल्प शुरू किया था। किसी के निधन की जानकारी पर परिजनों को शोकाकुल माहौल में नेत्रदान करवाने के लिए प्रेरित करते हुए जागरूक कर रहे हैं।
इससे बड़ा पुण्य कोई नहीं
क्षेत्र बजाजा कमेटी के अध्यक्ष अशोक गोयल ने बताया कि मृतक के सगे-संबंधियों से संपर्क कर नेत्रदान करवाने के लिए कहते हैं। इससे इनकी आंखों से किसी की दुनिया रोशन हो सकेगी। संस्था एसएन के डॉक्टरों के साथ कॉर्निया लाने के लिए वाहन भी भेजती है।
लोग खुद भी कर रहे पहल
हेल्प आगरा के नेत्रदान प्रभारी विजय बंसल ने बताया कि नेत्रदान के लिए सामाजिक संस्थाओं की मदद ली जाती है। गमगीन माहौल में नेत्रदान के लिए प्रेरित करना जटिल है, लेकिन लोग जागरूक हो रहे हैं और स्वत: नेत्रदान के लिए संपर्क भी करने लगे हैं।