दो मादक पदार्थ तस्करों को 15-15 साल की सजा
-स्पेशल जज ने दो दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। दो मादक पदार्थ तस्करों को स्पेशल जज ईसी एक्ट मीता सिंह ने 15-15 साल की सजा सुनाई है। उन पर दो दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाने के बाद दोनों को अदालत से जेल भेजा गया है।
थाना कोतवाली के तत्कालीन इंस्पेक्टर/स्वाट टीम प्रभारी विक्रम सिंह ने 29 मार्च 2022 की रात सवा दस बजे रुई पेट्रोल पंप के पास से दो मादक पदार्थ तस्करों को पकड़ा था। पुलिस ने उनके कब्जे से प्रतिबंधित मादक पदार्थ (चरस) बरामद किया था। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम विनय प्रताप भदौरिया निवासी जरामई थाना दन्नाहार तथा उपेंंद्र उर्फ भूरा निवासी डुडिया थाना मिरहची जिला एटा बताए। पुलिस ने दोनों को जेल भेजकर मुकदमे की सुनवाई के लिए चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज ईसी एक्ट मीतासिंह की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक सहित गवाहों ने दोनों के खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर दोनों को मादक पदार्थ रखने का दोषी पाया गया। एडीजीसी पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने दोनों को कड़ी सजा देने की दलील दी। स्पेशल जज ईसी एक्ट मीतासिंह ने दोनों को 15-15 साल की सजा सुनाई है। उन पर दो-दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाने के बाद दोनों को अदालत से जेल भेज दिया गया है।
एक साल पांच महीने में हो गई सजा
पुलिस ने विनय और उपेंद्र को 30 मार्च को जेल भेजा। अप्रैल में पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। आरोपियों के जेल में होने के कारण हर तारीख पर मुकदमे की सुनवाई हुई। इसके चलते एक साल पांच महीने में ही सुनवाई पूरी करके स्पेशल जज ईसी एक्ट ने उनको सजा भी सुना दी।
जेल में रहकर लड़ा पूरा मुकदमा
पुलिस ने विनय प्रताप भदौरिया और उपेंद्र उर्फ भूरा को पकड़कर जेल भेज दिया। उनकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उनको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। सोमवार को निर्णय सुनने के लिए उनको जेल से ही अदालत में लाया गया। सजा होने पर दोनों को अदालत से ही जेल भेज दिया गया।