पेंशन बनवाने की मांग लेकर डीएम आवास पहुंचे दिव्यांग और महिलाओं ने बवाल कर दिया। एमजी रोड जाम करते हुए सिटी बिसों में तोड़फोड़ कर डाली और प्रशासन के पुतले फूंक दिए। दो दिव्यांगों ने आत्मदाह की कोशिश की। एक को पुलिस और दूसरे को मीडियाकर्मियों ने बड़ी मुश्किल से रोका। इसके बाद गुस्से में आई पुलिस ने लाठी फटकारते हुए पूरी सख्ती के साथ दिव्यांगों और महिलाओं को खदेड़ दिया। उनका नेतृत्व कर रहे बाल योगी लव पंडित को शांति भंग की धारा में गिरफ्तार कर लिया गया। अफसरों ने प्रदर्शनकारियों की फरियाद तक नहीं सुनी।
इन लोगों ने यही मांग लेकर तीन अप्रैल को भी डीएम आवास पर प्रदर्शन किया था। समस्या का समाधान न होने पर 13 अप्रैल को बवाल करने की चेतावनी देकर गए थे। बुधवार को सुबह दस बजे सैकड़ों की संख्या में वृद्ध महिलाएं, विधवाएं, दिव्यांग और छोेटे बच्चे एकत्र हुए। प्रशासन के चार पुतले लेकर जगह जगह जाम लगाते हुए डीएम आवास पहुंच गए। कोई आला अफसर नहीं आया तो गुस्से में वहीं पर जाम लगा दिया। पुतले फूंकने लगे, तो पुलिस ने पुतले छीनने की कोशिश की। इस पर एक दिव्यांग ने खुद पर केरोसीन डालकर आत्मदाह का एलान कर दिया। उसे पुलिस ने जैसे ही रोका, वैसे ही दूसरा जलते पुतले में कूदने लगा। उसे मीडियाकर्मियों ने बचाया। महिलाओं ने वहां से गुजर रही एक सिटी बस को घेर लिया और तोड़फोड़ कर दी। सवारियों में चीखपुकार मच गई। एक और बस के शीशे तोड़े गए।
सीओ सदर असीम चौधरी और एसडीएम जेपी सिंह प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी तो पुलिस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे लव पंडित को हिरासत में ले लिया और उसे घसीटती हुई जीप तक ले गई। इससे वहां अफरातफरी मच गई।
महिलाओं और दिव्यांगों ने योगी को छुड़ाने की कोशिश की तो पुलिस ने लाठी फटकारकर सभी को खदेड़ दिया। इससे वहां भगदड़ मच गई। करीब दो घंटे जद्दोजहद के बाद मामला शांत हुआ। सीओ सदर असीम चौधरी ने बताया कि लव पंडित के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
हमारी फरियाद सुनो
- पेंशन से वंचित सभी दिव्यांगों और महिलाओं की पेंशन बनाई जाए ।
- दिव्यांग, विधवा और वृद्धा पेंशन 300 रुपये महीना से बढ़ाकर 3000 रुपये की जाए।
- संपूर्ण भारत वर्ष में इन्हें रेल और बस में निशुल्क यात्रा की सुविधा दी जाए।
- इनकी बेटी की शादी के लिए सरकार एक लाख रुपये की आर्थिक मदद करे।
- इन्हें बिजली और पानी जैसी बुनियादी जरूरतें निशुल्क उपलब्ध कराई जाएं।
- सरकार बिना रोजगार मुहैया कराए और बिना ब्याज के ऋण भी दे।
- दिव्यांग, विधवा का आरक्षण तीन से बढ़ाकर 10 प्रतिशत किया जाए
- सभी सरकारी विभागों में कम से कम दस प्रतिशत कर्मचारी दिव्यांग रखे जाएं