मैनपुरी। भोगांव थाने के संतोषपुर गांव से 30 साल पहले युवक का अपहरण करने के मामले में आरोपी अहिरवा के रहने वाले दो लोगों को स्पेशल जज ईसी एक्ट मीता सिंह ने चार-चार साल की सजा सुनाई है। उन पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाने के बाद उनको अदालत से हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
थाना भोगांव के गांव संतोषपुर में 19 मार्च 1993 को लड़ैती देवी के घर में घुसकर बदमाशों ने उसके पुत्र का अपहरण कर लिया था। पीटते हुए उसको बंधक बनाकर अपने साथ ले गए थे। लड़ैती देवी ने अज्ञात लोगों के खिलाफ 20 मार्च को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच करने के बाद रामप्रकाश, राजपाल, श्यामबाबू निवासी अहिरवा थाना भोगांव को युवक का अपहरण करने का दोषी पाया। पुलिस ने मुकदमे की सुनवाई करने के लिए तीनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज ईसी एक्ट मीता सिंह की कोर्ट में हुई।
अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, पीडि़त सहित गवाहों ने गवाही दी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान एक आरोपी रामप्रकाश की मौत हो गई। गवाही के आधार पर राजपाल, श्यामबाबू को युवक का अपहरण करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी विश्वजीत राठौर ने दोनों को कड़ी सजा देने की दलील दी। स्पेशल जज ईसी एक्ट मीतासिंह ने दोनों को चार चार साल की सजा सुनाई है। उन पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा होने के बाद उनको अदालत से हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।