फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agra News: अधिवक्ता मोहिनी की हत्या में फरार दो सुपारी किलर गिरफ्तार

Mon, 16 Dec 2024 02:09 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
विज्ञापन
विज्ञापन
कासगंज। अधिवक्ता मोहिनी हत्याकांड में फरार चल रहे दो इनामी बदमाशों को पुलिस ने आखिरकार तीन माह बाद ही सही रविवार की सुबह गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों पर पुलिस की तरफ से एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। दोनों पर सुपारी लेकर अधिवक्ता की हत्या करने का आरोप है, गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों को कोर्ट के समक्ष पेश किया। जहां सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों 14 दिन के न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। पकड़े गए बदमाशों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कार, मोहिनी का क्षतिग्रस्त मोबाइल, पिस्टल, तमंचा और आठ कारतूस भी बरामद किया हैं।
विज्ञापन

दरअसल, अधिवक्ता मोहिनी तोमर तीन सितंबर को जिला न्यायालय के गेट से लापता हो गई थीं। चार सितंबर को उनका शव रेखपुर माइनर में मिला था। पति ब्रजतेंद्र तोमर ने छह आरोपियों मुस्तफा कामिल, सलमान, हैदर, असद, मुनाजिर रफी एवं केशव मिश्रा के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इन सभी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
विवेचना में चार अन्य नाम सुनील उर्फ फौजी, रजत सोलंकी, बॉबी और रेनू के नाम भी प्रकाश में आए। इनमें से बॉबी और रेनू को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इन आठ आरोपियों में केशव मिश्रा को 12 दिसंबर को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। आरोपी सुपारी किलर सुनील उर्फ फौजी और रजत सोलंकी फरार चल रहे थे। पुलिस ने इन पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
विज्ञापन

लगातार प्रयास के बाद भी यह पुलिस की गिरफ्त से दूर थे। रविवार को पुलिस ने इन्हें हजारा नहर के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त कार, मोहिनी तोमर का मोबाइल, मोहर, इंक पैड, एक पिस्टल, एक तमंचा, आठ कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
30 लाख रुपये में दी थी हत्या की सुपारी
एएसपी राजेश भारती ने बताया कि मोहिनी तोमर की हत्या की सुपारी आरोपी अधिवक्ताओं ने सुनील उर्फ फौजी और रजत सोलंकी को तीस लाख रुपये में दी थी। पुलिस के अनुसार, 12 अगस्त को जब सुनील उर्फ फौजी और रजत अपनी तारीख करने न्यायालय आए थे तो यहां आरोपी अधिवक्ताओं ने उनसे मोहिनी की हत्या करने के लिए संपर्क किया था। इसके बाद दो सितंबर को भी इसकी योजना तैयार की गई। तीन सितंबर को योजना को अंजाम दिया गया।

जिला न्यायालय के सामने गली में गमछे से हुई थी हत्या
मोहिनी तोमर तीन सितंबर को कलेक्ट्रेट गई थीं। वहां से वापस आने के बाद जैसे ही वह न्यायालय के गेट पर आईं। एएसपी राजेश भारती ने बताया कि यहां सुनील उर्फ फौजी ने बॉबी और रेनू की कोर्ट मैरिज कराने के बहाने से उन्हें बुलाया और जिला न्यायालय के सामने खड़ी स्विफ्ट डिजायर कार में आगे की सीट पर बैठा दिया। इसके बाद सुनील उर्फ फौजी के इशारे पर पीछे बैठे रजत ने मोहिनी का गला हाथ से दबाया और बेहोश होने के बाद मोहिनी को पीछे की सीट पर ले लिया। इसके बाद गमछे से गला घोंट कर हत्या कर दी। फिर कार से उसके शव को ले जाकर रेखपुर माइनर में फेंक दिया। जो कि चार सितंबर को बरामद हुआ था।
सुनील उर्फ फौजी पर दर्ज हैं 18 मुकदमे
सुनील उर्फ फौजी निवासी बागवाला एटा के ऊपर एटा और कासगंज में 18 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, गैंगस्टर, एनडीपीएस आदि के मुकदमे दर्ज हैं। जबकि दूसरे आरोपी रजत सोलंकी निवासी सिढ़पुरा पर पांच मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या, गैंगस्टर और आर्म्स एक्ट के मुकदमे शामिल हैं।

अधिवक्ता मोहिनी तोमर हत्याकांड में फरार चल रहे सुपारी किलर सहित दो हत्यारोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इनकी निशानदेही पर कार, मोबाइल सहित अन्य वस्तुएं बरामद हुई हैं। इन्होंने जेल में निरुद्ध आरोपियों के कहने पर 30 लाख रुपये में मोहिनी की हत्या की सुपारी ली थी। - राजेश भारती, अपर पुलिस अधीक्षक
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें