टूंडला। मगध एक्सप्रेस में शराब पीकर ड्यूटी करने, कोच गंदा करने और यात्रियों की रसीद फाड़कर वसूली करने के मामले को रेल प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। दोनों मामलों में प्रयागराज डिवीजन के वरिष्ठ अधिकारियों ने दोनों सीआईटी (वरिष्ठ टिकट निरीक्षक) को चार्जशीट थमा दी हैं। दोनों सीआईटी को मेजर पेनल्टी चार्ज दिया गया है। चार्जशीट मिलने के बाद दोनों सीआईटी की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
तीन दिन पूर्व नई दिल्ली से इस्लामपुर जाने वाले मगध एक्सप्रेस में नई दिल्ली से टूंडला तक ड्यूटी कर रहे टूंडला हेड क्वार्टर के सीआईटी धर्मवीर सिंह ने शराब पी रखी थी। टूंडला पहुंचने पर प्रथम वातानुकूलित कोच में शराब की गंध व अन्य गंदगी पड़ी थी। इस पर एक यात्री ने मामले की शिकायत रेल अधिकारियों से की थी। मामले में सीआईटी की सांस एवं ब्लड सैंपल लिया गए थे। जांच में सीआईटी द्वारा शराब पीकर कोच में गंदगी करने की बात सामने आई थी।
वहीं टूंडला हेड क्वार्टर के ही सीआईटी सीपी सिंह पर रेल यात्रियों ने आरोप लगाए थे कि उन्होंने बिना टिकट चल रहे तीन यात्रियों द्वारा अन्य टीटीई से बनवाई गई रसीद को फाड़कर 1400 रुपये की वसूली की थी। मामले का वीडियो भी वायरल हुआ था। ट्विटर पर यह मामला रेल मंत्रालय तक पहुंचा था। ट्वीट होने पर अधिकारी भी हरकत में आ गए थे। उन्होंने सीआईटी को बुक ऑफ करने के साथ मामले की जांच शुरू कर दी थी। अब प्रयागराज डिवीजन के रेल अधिकारियों ने इन दोनों घटनाओं में प्रथम दृष्टया दोनों सीआईटी को जिम्मेदार माना है। इसके चलते दोनों सीआईटी को रेल अधिकारियों ने एसएफ-5 (स्टैंडर्ड फॉर्म) चार्जशीट दी है।
दोनों मामलों में दोनों सीआईटी को एसएफ-5 की चार्जशीट जारी कर दी गई है। मामले में टीम गठित कर जांच कराई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ शिवम शर्मा
सीपीआरओ, एनसीआर प्रयागराज