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Agra: सजा पूरी, अब घर वापसी...जेल से रिहा हुए दो बांग्लादेशी नागरिक, पुलिस ने कोलकाता भेजा

Wed, 03 Dec 2025 10:03 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

दो बांग्लादेशी नागरिकों को जनवरी 2022 में एटीएस ने गिरफ्तारी किया था। इनके पास से सऊदी अरब की मुद्रा मिली थी। 
 
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बांग्लादेशी नागरिक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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एटीएस आगरा यूनिट ने चार जनवरी 2022 को बांग्लोदश के दो नागरिक मामून शेख उर्फ मोहम्मद अली और सुनील को गिरफ्तार किया था। उनके पास से सऊदी अरब की मुद्रा 500 रियाल (50 के दस नोट) मिले थे। वह अवैध तरीके से भारत में प्रवेश कर आए थे। वह विदेशी मुद्रा बेचकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे थे। 3 साल 11 महीने बाद दोनों की सजा पूरी होने पर जेल से रिहाई हुई। इसकी जानकारी पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। दोनों बांग्लादेशी नागरिकों को डिपोर्ट के लिए कोलकाता, पश्चिम बंगाल रवाना कर दिया गया।
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म्यांमार और बांग्लादेश से अवैध तरीके से आकर भारत में बसने वाले लोगों पर विशेष नजर रखने के निर्देश केंद्र सरकार ने दिए हैं। उत्तर प्रदेश की जेलों में कई बांग्लादेशी नागरिक बंद हैं। इनकी सूची तैयार की गई है। आगरा में बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार हो चुके हैं। कई जिला और केंद्रीय कारागार में बंद हैं। बांग्लादेश के मदारीपुर स्थित थाना राजाैर क्षेत्र निवासी मामून शेख उर्फ मोहम्मद अली और सुनील को एटीएस ने गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ धाोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, 14 विदेशी अधिनियम और 4 विदेशी मुद्रा अधिनियम 1973 में थाना सदर में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। उनके पास से 50 रियाल के अलावा 62 नकली नोट, दो मोबाइल फोन और 160 रुपये मिले थे। पूछताछ में सामने आया था कि दोनों को भारत की सीमा में एक एजेंट ने प्रवेश कराया था। इसके बदले में सात हजार रुपये लिए थे।

वह तीन दिन पश्चिम बंगाल के हावड़ा रेलवे स्टेशन पर रुके थे। मामून ने 1 हजार रुपये में फर्जी आधार कार्ड बनवा लिया था। वह दिल्ली पहुंचे थे। कबाड़ बीनने का काम किया। इसके बाद आगरा आए थे। रुनकता में एक गोदाम में रहकर कबाड़ बीनते थे। मंगलवार को सजा की अवधि पूरी होने पर दोनों नागरिकों को उनके मूल देश प्रत्यर्पित (डिपोर्ट) किए जाने की कार्रवाई की गई। एलआईयू के एसीपी और निरीक्षक को जिला कारागार भेजा गया। वह दोनों को रिहा होने के बाद अपने साथ लेकर आए। दोनों को पुलिस एस्कार्ट के साथ कोलकाता (पश्चिम बंगाल) भेजा गया।
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