शेर अली ने बताया कि अब उसे ग्यारहवीं की पढ़ाई करनी है। इसके लिए किताबें और स्टेशनरी की जरूरत है। मोमबत्ती व मोबाइल की रोशनी में पढ़ाई करनी पड़ती है। इसके लिए वह दिन रात मेहनत कर रहा है, ताकि परिवार को चलाने के साथ ही पढ़ाई का खर्च भी उठा सकूं। शेर अली का कहना है कि लोगों की मदद मिले तो कुछ बात बने।
बस्ती के बच्चे बोले, हमारा भी फोटो छपेगा, हम पढ़ेंगे
झुग्गी बस्ती निवासी कामिनी, निर्जला, सोहेल, संजीत, आजाद शेर अली की उपलब्धि से खासे उत्साहित हैं। उनका कहना है कि वह भी आगे पढ़ना चाहते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता नरेश पारस इन बच्चों का दाखिला आठवीं व नौंवी कक्षाओं में स्कूलों में कराने में लगे हैं। उनका कहना है कि 10 बच्चे आगे पढ़ने के लिए तैयार हुए हैं। इनका दाखिला करा रहे हैं।