टूंडला जंक्शन की इमारत से लेकर पूरा डिजाइन किसी एयरपोर्ट से कम नहीं होगा। विदेशी मेहमानों एवं यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर यहां मल्टी कॉम्प्लेक्स बनाने की भी तैयार की जाएगी। जिसमें बच्चों के खेलकूद से लेकर उनके मनोरंजन के साधन एवं यात्रियों के ठहरने और खानपान की बेहतर व्यवस्था होगी।
टूंडला स्टेशन को आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, एटा एवं अयोध्या, काशी का केंद्र बिंदु मानते हुए टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए इस कार्य योजना पर काम किया जा रहा है। माना जा रहा है कि अगर अगले दो वर्ष तक सबकुछ ठीक रहा तो टूंडला स्टेशन का कायाकल्प हो जाएगा। रेलवे स्टेशन पर क्षेत्रीय वस्तुओं के अलावा फिरोजाबाद के कांच उत्पाद को प्रदर्शित किया जाएगा।
160 किमी प्रतिघंटा होगी ट्रेनों की स्पीड
दिल्ली-हावड़ा रेल ट्रैक को 160 किमी प्रतिघंटा के स्पीड का खाका तैयार कर लिया गया है। अब इस स्पीड से ट्रेनें दौड़ेंगी। मालगाड़ियों को डीएफसी पर ट्रांसफर किया जा रहा है। इसके बाद टूंडला स्टेशन पर ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी।
स्टेशन पर कानपुर शताब्दी एक्सप्रेस, भुवनेश्वर राजधानी अथवा डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस के ठहराव, नीमच पैसेंजर ट्रेन को यमुना ब्रिज से टूंडला तक लाने, दादर-बरेली एक्सप्रेस को टूंडला तक लाने एवं मगध एक्सप्रेस को अप एवं डाउन में गाजियाबाद में स्टापेज पर भी विचार किया जाएगा।