टीटीजेड में नई इकाइयां लगाने और विस्तार के लिए आवेदन करने वाली 208 इकाइयों के सर्वे में करीब 30% उद्यमियों ने फिलहाल योजना से हाथ खींच लिया है। 20 से अधिक इकाइयां प्रदूषण स्कोर या भू उपयोग के मानकों पर खरी नहीं उतरीं, जबकि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर पांच सितंबर को अंतिम निर्णय होगा।
ताजमहल को प्रदूषण से बचाने के लिए बने ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) की बंदिशों में फंसे नए उद्योगों की स्थापना एवं विस्तार के लिए आवेदन करने वाली 208 इकाइयों का सर्वे पूरा हो चुका है। 30% उद्यमियों ने इकाइयां लगाने से हाथ खींच लिए हैं। जबकि 20 से अधिक इकाइयां भू उपयोग और प्रदूषण स्कोर मानकों पर फेल हो गई हैं।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अक्तूबर 2024 से आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद सहित ताजमहल से 60 वर्ग किमी की परिधि में नए उद्योगों की स्थापना एवं विस्तार पर रोक लगा रखी है। 23 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने टीटीजेड में लंबित 410 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) के आवेदनों को निस्तारित करने के आदेश दिए थे। इनमें आगरा की 208 इकाइयां शामिल हैं। टीटीजेड के अध्यक्ष एवं मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने 208 इकाइयों के सर्वे के लिए जिला उद्योग केंद्र, एसडीएम एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त सर्वे कमेटी बनाई थी।
जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक शैलेंद्र सिंह ने बताया कि 208 इकाइयों के सर्वे में 30% उद्यमियों ने हाथ पीछे खींच लिए हैं। वह फिलहाल इकाइयां शुरू नहीं करना चाहते। बाकी इकाइयों में 40% इकाइयां सिर्फ विस्तार करना चाहती हैं। इन्हें विद्युत भार बढ़वाना है। करीब 20 से अधिक इकाइयां प्रदूषण मानक 11 से 20 पर खरी नहीं उतरी।
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कुछ इकाइयों में भू उपयोग औद्योगिक नहीं। सर्वे रिपोर्ट बृहस्पतिवार को मंडलायुक्त के समक्ष रखी जाएगी। समीक्षा के बाद इस रिपोर्ट को नेशनल इन्वायरॉनमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (नीरी) और केंद्रीय अधिकार प्राप्त कमेटी (सीईसी) को भेजा जाएगा। पांच सितंबर को टीटीजेड, नीरी और सीईसी तीनों की संयुक्त बैठक में अंतिम निर्णय होगा।