आगरा। ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) अथॉरिटी को दो साल बाद गैर सरकारी सदस्य मिले हैं। बीते साल टीटीजेड अथॉरिटी का पुनर्गठन किया गया था, जिसमें 21 सरकारी सदस्य चुने गए थे। केंद्र सरकार के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने अथॉरिटी में तीन गैर सरकारी सदस्यों को नियुक्त किया है, जिनमें आगरा से इं. उमेश शर्मा और लघु उद्योग भारती से जुड़े विजय गुप्ता और पंजाब यूनिवर्सिटी की शिक्षक चंडीगढ़ निवासी डॉ. सुमन मोरे शामिल हैं।
ताजमहल के संरक्षण और पर्यावरण के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 17 मई 1999 को ताज ट्रेपेजियम जोन अथॉरिटी का गठन किया गया था। बीते साल जनवरी में आगरा के मंडलायुक्त की अध्यक्षता में 21 सदस्यीय समिति का पुनर्गठन किया गया था। 10,400 वर्ग किमी और छह जिलों आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, हाथरस, एटा, भरतपुर में फैले ताज ट्रेपेजियम जोन में वायु गुणवत्ता नियंत्रण के लिए कमेटी निर्णय लेती है। इसमें अब लोगों की भी भागीदारी रहेगी। इं. उमेश शर्मा को दोबारा यह जिम्मेदारी दी गई है, जबकि लघु उद्योग भारती जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता और डॉ. सुमन मोरे को भी पहली बार टीटीजेड से जोड़ा गया है।
अथॉरिटी के सामने यह हैं चुनौती
ताज ट्रेपेजियम जोन में सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी ने हाल में ही विजन डॉक्यूमेंट के लिए सिफारिशें की हैं, जो आगरा के उद्योग और विकास के हक में नहीं है। अथॉरिटी के गैर सरकारी सदस्यों के सामने यह बड़ी चुनौती होगी कि वह टीटीजेड के जरिए कोर्ट में आगरा का पक्ष रख सकें। नवनियुक्त सदस्य विजय गुप्ता ने बताया कि यह दायित्व आने वाली पीढि़यों के भविष्य से जुड़ा है। व्यापार, उद्योग और कारीगर अनावश्यक प्रभावित न हों, यह उनका प्रयास रहेगा। इं. उमेश शर्मा के मुताबिक वह समस्याओं के समाधान पर फोकस करेंगे। पर्यावरण मानकों के साथ उद्योग चलाने पर जोर है। गैर सरकारी सदस्यों की नियुक्ति पर लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय सचिव दीपक अग्रवाल और प्रदेश सचिव मनीष अग्रवाल ने उम्मीद जताई कि संतुलित दृष्टिकोण से दोनों सदस्य टीटीजेड में उद्योगों पर लगी रोक हटाने में मददगार होंगे।