वसूली के लिए ट्रकों का पीछा किया जाता है। ऐसे में चालक ट्रक दौड़ाते हैं। इसी वजह से एक और हादसा हुआ और मासूम की जान चली गई। घटना से आक्रोशित लोगों ने हंगामा कर दिया। पुलिस ने बमुश्किल मामला शांत कराया।
आगरा के ग्वालियर हाईवे पर हादसे के बाद पुलिस पहुंची थी। ग्रामीणों को समझाकर शव को उठाने का प्रयास किया। मगर, ग्रामीण आरोपी चालकों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े गए। पुलिस के जबरन शव उठाने पर हंगामा कर दिया। खींचतान कर दी। बवाल की आशंका पर आसपास के थानों की फोर्स के साथ पीएसी को भी बुला लिया गया।
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ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रवर्तन दल ट्रक का पीछा कर रहा था। मंडी में आने वाले ट्रकों से वसूली की जाती है। चालक बचने के लिए ट्रकों को दौड़ाते हैं। प्रवर्तन दल इन ट्रकों का पीछा करता है। इससे हादसा हो गया। मासूम बच्चे की जान चली गई। इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा। पुलिस सिर्फ मुकदमा दर्ज करके खानापूर्ति करेगी।
इस पर ग्रामीण देर रात तक हंगामा करते रहे। पुलिस से भी भिड़ गए। वहीं बेटे की मौत से जितेंद्र के परिवार में कोहराम मच गया। परिवार की महिलाएं भी आ गईं। वह फूट-फूटकर रोने लगीं। रात करीब एक बजे एसीपी देवेंद्र कुमार और उपजिलाधिकारी अनिल कुमार ने ग्रामीणों को समझाबुझाकर जाम खुलवाया।