तीन तलाक के केस में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे पीड़ित पर ससुराल पक्ष समझौते का दबाव बना रहा है। पीड़िता का कहना है कि अब तेजाब डालने की धमकी दी जा रही है। उसने महिला थाना से जांच ट्रांसफर करने की मांग की है।
शाहगंज क्षेत्र की युवती का निकाह हाथरस निवासी युवक से दिसंबर 2018 में हुई थी। आरोप है कि निकाह के बाद से ससुरालीजन युवती को परेशान कर रहे हैं। दहेज की मांग करते हैं। उसका उत्पीड़न भी करते हैं। पति एक विश्वविद्यालय में संविदा कर्मी हैं।
ससुर पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त हुए हैं। एक महीने पहले पति ने तीन तलाक बोलकर घर से निकाल दिया। 17 सितंबर को युवती ने थाना महिला में शिकायत की। इस पर दहेज उत्पीड़न और तलाक देने के मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
पीड़िता का कहना है कि पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। पुलिस ने कोर्ट में बयान दर्ज नहीं कराए। आरोपी ससुराली मुकदमे को वापस लेने का दबाव बना रहे हैं।
ऐसा नहीं करने पर तेजाब डालने की धमकी दी है। इससे पीड़िता का परिवार दहशत में है। उसने सोमवार को एसएसपी आफिस में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई और जांच किसी दूसरे थाने से कराने की मांग की। मामले में जांच के आदेश किए गए हैं।
पुलिस नहीं लिख रही मुकदमा
थाना जगदीशपुरा क्षेत्र की महिला का आरोप है कि उसके निकाह को तीन साल हो चुके हैं। ससुराल मथुरा में हैं। पति ने दूसरी शादी की थी। उसकी पहली पत्नी से दो बच्चे हैं। वहीं उसके तीन बच्चे हुए हैं। निकाह के बाद से ही महिला का उत्पीड़न किया जाने लगा।
ससुराल के लोग दहेज में 50 हजार रुपये की मांग करते हैं। चार अगस्त को पति ने तीन तलाक बोलकर घर से निकाल दिया। अब वह मायके में रह रही है। पुलिस से शिकायत करने पर भी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। जगदीशपुरा पुलिस हर बार टालमटोल करती है। समझौते का दबाव बना रही है पीड़िता ने एसएसपी आफिस में प्रार्थना पत्र दिया है। मामले में सीओ लोहामंडी को जांच दी गई है।