ताजगंज में तीन तलाक का ऐसा मामला सामने आया है जिसमें निकाह को 25 साल हो चुके हैं। मियां-बीवी लंबे समय से अलग-अलग रह रहे हैं। आरोप है कि शौहर ससुराल में पहुंचा और वहां रह रही बीवी को तीन तलाक बोलकर चला गया। इन दोनों के एक बेटा और एक बेटी है। बेटी की शादी हो चुकी है।
राजू टेढ़ी बगिया का है। वह बिरयानी की ठेल लगाता है। ताजगंज के तेलीपाड़ा की पप्पी से उसकी शादी 25 साल पहले हुई थी। कुछ दिनों बाद ही अनबन शुरू हो गई। पप्पी का आरोप है कि राजू शराब पीता है और बदसलूकी करता है। इसी से परेशान होकर वह मायके में रह रही है।
तीन तलाक का वाक्या आठ अगस्त का बताया गया है। पप्पी ने तहरीर दी है कि राजू अपने भाई आशिक अली के साथ आया। वह गुस्से से भरा था। आते ही लड़ने-झगड़ने लगा और इसी दौरान उसने उसे तीन बार तलाक बोल दिया। ताजगंज थाना के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि तहरीर मिल गई है। केस दर्ज किया जाएगा।
11 दिन में दर्ज हो गए 20 केस
लोकसभा और राज्यसभा में पास होकर तीन तलाक का कानून बनने के बाद आगरा जोन के आठ जिलों में 11 दिनों में तीन तलाक के 20 केस दर्ज हो चुके हैं। इनमें से चार अकेले आगरा में दर्ज हुए हैं। सबसे पहला केस नाई की मंडी थाने में दर्ज कराया गया। दो केस जगदीशपुरा में दर्ज कराए गए।
ताजगंज में आया यह केस चौथा है। मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा में भी मुस्लिम विमेन प्रोटेक्शन ऑफ राइट एंड मैरिज एक्ट 2019 के तहत केस दर्ज हुए हैं।
इससे पहले जब तीन तलाक पर कैबिनेट से अध्यादेश जारी हुआ था, जब पूरे जोन में सिर्फ एक केस दर्ज हुआ था। यह मलपुरा में तरन्नुम ने शौहर के खिलाफ दर्ज कराया था। शौहर को जेल भेजा गया था।
और अब काउंसलिंग में आने लगे शौहर
परिवार परामर्श केंद्र के पास मुस्लिम दंपतियों के ऐसे दस मामले हैं जिनमें शौहर काउंसलिंग के लिए नहीं आ रहे थे। तीन तलाक बिल के बाद इनमें से सात रविवार को काउंसलिंग में पहुंच गए। इसकी वजह यही मानी जा रही है कि इन्हें डर हो गया है कि कहीं बीवी तीन तलाक का केस दर्ज न करा दे।
प्रभारी इंस्पेक्टर अलका सिंह ने बताया कि तीन तलाक कानून का सकारात्मक असर नजर आया है। ये मामले दहेज, मारपीट के आरोप के हैं, लेकिन इनमें शौहर अब काउंसलिंग के लिए आ रहे हैं, पहले कई गैरहाजिर रहते थे।