आगरा ट्रिपल मर्डर: परिजनों से जानकारी लेते पुलिस अधिकारी
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सुमन ने पुलिस को बताया कि रविवार रात तकरीबन 11 :30 बजे तक रामवीर ने दुकान खोली थी। इसके बाद पूरा परिवार सो गया। रोजाना सुबह पांच दुकान खोल लेते थे। सोमवार को छह बजे पड़ोस के लोग दुकान से सामान लेने आए।
दुकान बंद मिली, तब सुमन को लोगों ने बुलाया। सुमन दुकान नहीं खुलने पर रामवीर के घर में देखने गईं। जिस कमरे में रसोईघर बना था। उससे धुआं निकल रहा था। कमरे के गेट की बाहर से कुंडी लगी थी। उसने गेट खोला तो फर्श पर बबलू, रामवीर और उनकी पत्नी मीरा पड़े थे। रामवीर और मीरा जल रही थी।
बबलू के हाथ, पैर और मुंह पर टेप बंधा था। मीरा और रामवीर के भी हाथ, पैर और मुंह में टेप बांधने के निशान थे, लेकिन टेप जल गया था। यह देखकर सुमन की चीख निकल गई। इस पर परिवार के अन्य लोग और मोहल्ले के लोग आ गए। उन्होंने आग बुझाकर पुलिस को सूचना दी। तिहरे हत्याकांड से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
घटना की जानकारी पर अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) अजय आनंद, पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) ए. सतीश गणेश, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बबलू कुमार पहुंच गए। क्राइम ब्रांच, एसओजी और फोरेंसिक टीम को जांच के लिए लगाया गया। मृतक रामवीर के भाई चंद्रभान का कहना था कि उनके परिवार से किसी की रंजिश नहीं है।
घटना के पीछे लूट की आशंका जाहिर की। क्योंकि बक्सा खुला हुआ था। रामवीर ने दो साल पहले बेटे की रेलवे में नौकरी के लिए एक व्यक्ति से बात की थी। उसे प्लाट बेचकर और कर्ज लेकर 12 लाख रुपये दिए थे। नौकरी नहीं लगने पर उससे रुपये वापस मांग रहे थे।
'रसोई गैस का सिलिंडर खुला था'
सीओ छत्ता विकास जायसवाल ने बताया कि आशंका है कि तीनों की पहले गला घोंटकर हत्या की गई। इसके बाद गैस सिलेंडर का पाइप निकालकर आग लगाने की कोशिश की है, क्योंकि जिस कमरे में तीनों के शव मिले हैं, उसमें रखे गैस सिलेंडर का पाइप चूल्हे से निकला पड़ा है। तीनों अलग-अलग कमरों में सोते थे। हत्या की वजह साफ नहीं हो सकी है। हत्या के बाद हादसे का रूप देने की कोशिश की गई।
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि घर में ही तीन लोगों की हत्या की गई है। मामले की जांच की जा रही है। एसपी सिटी सहित पांच टीमों को लगाया गया है। घटना के कारण का पता किया जा रहा है।